तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बजट में महिलाओं के कल्याण के लिए ‘सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना’ के तहत 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने अपने पहले बजट में महिलाओं, छात्रों, युवाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की हैं। राज्य विधानसभा में पेश किए गए बजट में महिलाओं के लिए “सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना” शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि स्कूलों में पढ़ने वाले Gen-Z छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस साइकिल वितरण योजना का ऐलान किया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना, शिक्षा को प्रोत्साहित करना और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खेल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
महिलाओं के लिए 812 करोड़ रुपये की योजना
तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं को केंद्र में रखते हुए “सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना” के लिए 812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को विशेष अवसरों पर सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल महिलाओं के सामाजिक सम्मान और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
राज्य में महिला कल्याण योजनाओं को लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक महत्व दिया जाता रहा है, इसलिए इस घोषणा को बजट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया जा रहा है।
11वीं कक्षा के छात्रों को मिलेंगी स्मार्ट साइकिलें
तमिलनाडु सरकार ने छात्रों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को आधुनिक साइकिलें वितरित की जाएंगी।
वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने विधानसभा में बताया कि इन साइकिलों के साथ हेलमेट और पानी की बोतल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना के लिए लगभग 277 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और शिक्षा तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह योजना उपयोगी साबित हो सकती है।
हज सब्सिडी में बढ़ोतरी का ऐलान

तमिलनाडु सरकार ने पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, यह राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दी जाएगी। सरकार ने इसे धार्मिक यात्रा से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने वाला कदम बताया है।
तमिलनाडु सरकार ने बजट के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर अपना पुराना रुख दोहराया। वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से NEET परीक्षा व्यवस्था को समाप्त करने और 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश की पुरानी प्रणाली को बहाल करने की मांग की।
राज्य सरकार का तर्क है कि NEET परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए चुनौती पैदा करती है। हालांकि, केंद्र और कई अन्य राज्य इस परीक्षा को मेडिकल शिक्षा में समान अवसर और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
खेल और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रखने के उद्देश्य से तमिलनाडु सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है। राज्यभर में 10 ओलंपिक विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस योजना के लिए लगभग 42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बजट में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के लिए 1,762 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। आवास क्षेत्र में भी बड़ा ऐलान किया गया है। चुनावी वादे को पूरा करने के लिए कच्चे मकानों को पक्का बनाने की सहायता राशि बढ़ाई गई है।
पहले यह राशि 3.10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा “वीडु वेट्री योजना” के तहत 3,500 करोड़ रुपये की लागत से 70 हजार पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रमुख विभागों के लिए बजट आवंटन
तमिलनाडु बजट में विभिन्न विभागों के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य विभाग को 23,357 करोड़ रुपये, बिजली विभाग को 15,828 करोड़ रुपये और आवास एवं शहरी विकास विभाग को 8,852 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के लिए 9,818 करोड़ रुपये, सहकारिता विभाग के लिए 8,028 करोड़ रुपये, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग के लिए 4,880 करोड़ रुपये तथा उद्योग विभाग के लिए 4,414 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।










