Tamil Nadu Election 2026: ADR Report में बड़ा खुलासा, 18% उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केस

Association for Democratic Reforms की रिपोर्ट में तमिलनाडु चुनाव 2026 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 18% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच Association for Democratic Reforms (ADR) ने उम्मीदवारों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।

चेन्नई: दक्षिण भारतीय राज्य Tamil Nadu में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की नई रिपोर्ट ने राजनीतिक परिदृश्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों में आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्ति और सामाजिक प्रोफाइल को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

18% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले

ADR की रिपोर्ट में कुल 3,992 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 722 उम्मीदवारों यानी लगभग 18 प्रतिशत ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 404 उम्मीदवार (लगभग 10 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। तुलना करें तो वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 13 प्रतिशत था, जिसमें 6 प्रतिशत गंभीर मामले थे। इस बार दोनों ही श्रेणियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राजनीतिक पारदर्शिता पर सवाल उठाती है।

प्रमुख दलों में भी स्थिति चिंताजनक

रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों में भी आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की संख्या अधिक है।

  • AIADMK के 69% उम्मीदवारों पर केस दर्ज हैं।
  • DMK के लगभग 40% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं।
  • TVK के 40% उम्मीदवार भी इसी श्रेणी में आते हैं।
  • BJP के 48% उम्मीदवारों पर केस दर्ज हैं।
  • Indian National Congress के 50% उम्मीदवार आपराधिक मामलों में शामिल बताए गए हैं।

गंभीर मामलों की बात करें तो कई दलों में यह अनुपात 10% से लेकर 35% तक पहुंच गया है, जो चुनावी प्रक्रिया में गंभीर चिंता का विषय है।

Tamil Nadu Election 2026: ADR Report में बड़ा खुलासा, 18% उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केस

संपत्ति के मामले में बढ़ती असमानता

रिपोर्ट में उम्मीदवारों की संपत्ति को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। कुल उम्मीदवारों में से 981 उम्मीदवार यानी 25 प्रतिशत करोड़पति हैं। इसके अलावा 22 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें विभिन्न दलों के उम्मीदवार शामिल हैं, जिससे यह साफ होता है कि चुनावी राजनीति में धनबल का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। 

दलवार आंकड़ों में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या बेहद अधिक है, कांग्रेस, डीएमके और एआईएडीएमके जैसे प्रमुख दलों में 90% से अधिक उम्मीदवार करोड़पति हैं। कई दलों में यह आंकड़ा लगभग 94% से 100% तक पहुंच गया है। इस चुनाव में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जबकि 2021 में यह औसत सिर्फ 1.72 करोड़ रुपये थी। यह लगभग तीन गुना वृद्धि है।

सामाजिक प्रोफाइल और शिक्षा स्तर

रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों की शैक्षणिक स्थिति में भी विविधता देखी गई है।

  • 46% उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं।
  • 43% ने 5वीं से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है।
  • 301 उम्मीदवारों के पास डिप्लोमा है।
  • 95 उम्मीदवारों ने खुद को अशिक्षित बताया है।
  • 56 उम्मीदवार केवल साक्षर हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिलाओं की भागीदारी अभी भी बेहद कम है। कुल उम्मीदवारों में केवल 11% यानी 442 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं। यह आंकड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक असंतुलन को दर्शाता है।

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