तिरुपति जिले के छह शहरी निकायों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 214 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। HAM मॉडल के तहत तिरुपति नगर निगम को 106 करोड़ रुपये और पांच नगरपालिकाओं को 108 करोड़ रुपये मिलेंगे।
तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 214 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये विकास कार्य Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत जिले के छह शहरी स्थानीय निकायों में किए जाएंगे। परियोजनाओं में तिरुपति नगर निगम के अलावा श्रीकालहस्ती, नायडूपेटा, पुत्तूर, सुल्लुरुपेटा और वेंकटगिरी नगरपालिकाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कुप्पम से इन परियोजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास किया।
छह शहरी निकायों में होगा बुनियादी ढांचे का विकास
214 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि का इस्तेमाल शहरों में सड़क, स्ट्रीटलाइट, डिवाइडर, पार्क और हरित क्षेत्रों से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। HAM व्यवस्था के तहत सरकार और ठेकेदार परियोजना की लागत में हिस्सेदारी करेंगे।
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा हिस्सा तिरुपति नगर निगम के लिए निर्धारित किया गया है। तिरुपति में बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए कुल 106 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
बाकी 108 करोड़ रुपये जिले की पांच अन्य नगरपालिकाओं में विकास कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
तिरुपति नगर निगम को मिले 106 करोड़ रुपये
तिरुपति नगर निगम क्षेत्र में स्वीकृत 106 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया जाएगा। इसमें सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कें, सड़क डिवाइडर, स्ट्रीटलाइट, पार्क और हरित क्षेत्र शामिल हैं।
कुल राशि में से 61.37 करोड़ रुपये से 53.14 किलोमीटर लंबी CC सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे नगर निगम क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना है।
इसके अलावा पार्कों और हरित क्षेत्रों से संबंधित पांच कार्यों के लिए 7.28 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। शहर में सार्वजनिक स्थानों और हरित क्षेत्रों के विकास के लिए इस राशि का इस्तेमाल किया जाएगा।
चार किलोमीटर डिवाइडर और 57,200 स्ट्रीटलाइट
तिरुपति की परियोजनाओं में सड़क डिवाइडर और स्ट्रीटलाइट से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए 13.93 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इस राशि के तहत करीब चार किलोमीटर डिवाइडर विकसित किए जाएंगे और 57,200 स्ट्रीटलाइट लगाए जाएंगे।
इसके अलावा परियोजना से जुड़े करों और अन्य संबंधित खर्चों के लिए 23.42 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इन सभी मदों को मिलाकर तिरुपति नगर निगम के लिए स्वीकृत कुल परियोजना लागत 106 करोड़ रुपये होती है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करना है।
HAM मॉडल के तहत कैसे होगा भुगतान?
इन परियोजनाओं को Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था में परियोजना की लागत का एक हिस्सा सरकार शुरुआत में उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष राशि ठेकेदार की ओर से निवेश की जाएगी।
तिरुपति नगर निगम की 106 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए सरकार शुरुआत में कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत, यानी 42 करोड़ रुपये, ठेकेदार को देगी।
यह राशि सरकार की ओर से LRS और BPS फंड के माध्यम से डायरेक्टोरेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।
शेष 60 प्रतिशत राशि ठेकेदार की ओर से निवेश की जाएगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सरकार इस राशि को अगले 10 वर्षों में चुकाएगी।
भुगतान कुल 40 तिमाही किस्तों में किया जाएगा। इस तरह HAM मॉडल में शुरुआती सरकारी भुगतान और ठेकेदार के निवेश के बीच एक निर्धारित वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है।
पांच नगरपालिकाओं के लिए 108 करोड़ रुपये
तिरुपति नगर निगम के अलावा जिले की पांच अन्य नगरपालिकाओं में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 108 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इनमें श्रीकालहस्ती को 27 करोड़ रुपये का सबसे अधिक आवंटन मिला है। इसके बाद नायडूपेटा को 21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
वहीं पुत्तूर, सुल्लुरुपेटा और वेंकटगिरी में से प्रत्येक नगरपालिका के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इस प्रकार पांचों नगरपालिकाओं के लिए आवंटित राशि का कुल योग 108 करोड़ रुपये है।
शहरी निकाय स्वीकृत राशि
- तिरुपति नगर निगम ₹106 करोड़
- श्रीकालहस्ती ₹27 करोड़
- नायडूपेटा ₹21 करोड़
- पुत्तूर ₹20 करोड़
- सुल्लुरुपेटा ₹20 करोड़
- वेंकटगिरी ₹20 करोड़
- कुल ₹214 करोड़
अधिकारियों ने HAM मॉडल को लेकर क्या कहा?
तिरुपति से आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. एस. वेंकटेश्वर, नगर निगम आयुक्त एम. जयकृष्ण और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
कलेक्टर ने कहा कि HAM व्यवस्था के जरिए विकास कार्यों के निष्पादन और फंड के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, यह मॉडल ठेकेदारों को वित्तीय आश्वासन भी प्रदान करेगा।
इस व्यवस्था में भुगतान की निर्धारित समयसीमा और किस्तों का ढांचा होने के कारण परियोजना के वित्तीय प्रबंधन को एक निश्चित संरचना मिलती है।
अन्नमय्या जिले में भी 94 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
इस बीच पड़ोसी अन्नमय्या जिले में भी HAM प्रणाली के तहत शहरी बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।
अन्नमय्या जिला कलेक्टर निशांत कुमार के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिले के चार शहरी स्थानीय निकायों में 94 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
इन परियोजनाओं के लिए मदनपल्ले को 27 करोड़ रुपये, रायचोटी को 35 करोड़ रुपये, बी. कोथाकोटा को 12 करोड़ रुपये और पुंगनूर को 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
अन्नमय्या जिले में भी इन परियोजनाओं को HAM मॉडल के तहत लागू किया जाएगा।
शहरी विकास पर बढ़ा जोर
तिरुपति जिले में 214 करोड़ रुपये की परियोजनाएं छह शहरी स्थानीय निकायों को कवर करती हैं। इनमें सबसे बड़ा आवंटन तिरुपति नगर निगम को मिला है, जहां सड़क निर्माण के साथ स्ट्रीटलाइट, डिवाइडर, पार्क और हरित क्षेत्रों के विकास पर राशि खर्च की जाएगी।
शेष पांच नगरपालिकाओं के लिए निर्धारित 108 करोड़ रुपये भी स्थानीय शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल किए जाएंगे।
HAM मॉडल के तहत सरकार और निजी ठेकेदारों के बीच वित्तीय जिम्मेदारी बांटी गई है। तिरुपति नगर निगम की परियोजनाओं में सरकार का शुरुआती योगदान 40 प्रतिशत रहेगा, जबकि बाकी 60 प्रतिशत ठेकेदार निवेश करेगा और निर्धारित अवधि में सरकारी भुगतान के जरिए उसकी भरपाई की जाएगी।
सड़क, रोशनी और हरित क्षेत्रों पर फोकस
तिरुपति नगर निगम के लिए स्वीकृत राशि में सबसे बड़ा हिस्सा CC सड़कों के निर्माण के लिए रखा गया है। इसके अलावा हजारों स्ट्रीटलाइट लगाने, सड़क डिवाइडर विकसित करने और पार्कों व हरित क्षेत्रों को बेहतर बनाने की योजना है।
53.14 किलोमीटर CC सड़कों का निर्माण और 57,200 स्ट्रीटलाइट की स्थापना शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रमुख प्रस्तावित कार्यों में शामिल हैं।
कुल मिलाकर, तिरुपति जिले में स्वीकृत 214 करोड़ रुपये की परियोजनाएं छह शहरी निकायों को कवर करती हैं। वहीं अन्नमय्या जिले में अलग से 94 करोड़ रुपये की HAM परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन परियोजनाओं के जरिए दोनों जिलों के शहरी क्षेत्रों में सड़क, रोशनी, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।










