तमिलनाडु चुनाव 2026: BJP ने जारी किया चुनावी घोषणापत्र, महिलाओं और कल्याण योजनाओं पर बड़ा फोकस

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर J. P. Nadda ने पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया। इसमें महिलाओं और कल्याण योजनाओं पर खास फोकस किया गया है। जानिए

भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए अपना चुनाव संकल्प पत्र जारी किया। यह कार्यक्रम तमिल नव वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसे पार्टी ने एक महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक रूप से सार्थक कदम बताया।

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने मंगलवार को अपना चुनावी घोषणापत्र (संकल्प पत्र) जारी किया, जिसमें महिलाओं, किसानों और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े वादे किए गए हैं। घोषणापत्र जारी करने के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी नेताओं और तमिलनाडु नेतृत्व के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। पार्टी ने इसे राज्य के विकास और “नए कल्याण मॉडल” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

महिलाओं के लिए मासिक सहायता और मुफ्त LPG सिलेंडर का वादा

घोषणापत्र में सबसे बड़ा फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण पर रखा गया है। BJP ने घोषणा की है कि:

  • महिला मुखिया को हर महीने ₹2,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी
  • हर परिवार को साल में 3 मुफ्त LPG सिलेंडर मिलेंगे
  • पहली बार घर खरीदने वाली महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाएगी

इन योजनाओं का उद्देश्य घरेलू आर्थिक बोझ कम करना और महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना बताया गया है।

महंगाई से राहत के लिए एकमुश्त सहायता

पार्टी ने बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए एक बड़ा वादा किया है। घोषणापत्र के अनुसार:

  • प्रत्येक घर को एक बार ₹10,000 की सहायता राशि दी जाएगी
  • घरेलू जरूरतों के लिए ₹8,000 तक के कूपन दिए जाएंगे

पार्टी का कहना है कि यह कदम महंगाई से जूझ रहे परिवारों को तुरंत राहत देने के लिए है।

युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार व सब्सिडी योजना

BJP ने महिलाओं के लिए ई-स्कूटर योजना की भी घोषणा की है:

  • योग्य महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए ₹25,000 की सब्सिडी

यह योजना महिलाओं की मोबिलिटी और रोजगार अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है।

सांस्कृतिक और धार्मिक पहलें भी शामिल

घोषणापत्र में राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है। इसमें:

  • प्रमुख मंदिरों में स्थानीय लोगों के लिए दैनिक दर्शन के लिए विशेष समय स्लॉट
  • पारंपरिक त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव

इन पहलों को सांस्कृतिक संरक्षण नीति का हिस्सा बताया गया है।

जल्लीकट्टू और ग्रामीण समर्थन पर जोर

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और परंपरागत खेलों को समर्थन देने के लिए:

  • जल्लीकट्टू से जुड़े पशुपालकों को ₹2,000 मासिक सहायता
  • प्रतिभागी की मृत्यु पर ₹10 लाख की अनुग्रह राशि

यह कदम ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक खेलों को संरक्षित करने की दिशा में बताया गया है।

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