तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व विवाद तेज, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को सौंपी नई संगठनात्मक सूची

तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के बीच ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को नई संगठनात्मक सूची सौंप दी है। इस कदम ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और

पश्चिम बंगाल में विधायकों और सांसदों के बीच कथित असंतोष और बगावत की चर्चाओं के बीच All India Trinamool Congress ने चुनाव आयोग को अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की नई सूची सौंप दी है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में उभरे आंतरिक राजनीतिक विवाद के बीच पार्टी नेतृत्व ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आधिकारिक संगठनात्मक संरचना को दोबारा स्पष्ट किया है। पार्टी ने अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की नई सूची चुनाव आयोग को सौंपते हुए यह दोहराया है कि ममता बनर्जी ही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष हैं।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पार्टी के भीतर एक बागी गुट ने समानांतर संगठनात्मक ढांचा घोषित कर नेतृत्व परिवर्तन का दावा किया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में आगामी महीनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रही खींचतान सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है।

चुनाव आयोग को भेजी गई नई सूची

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग को भेजी गई सूची में 20 जून 2026 तक की संगठनात्मक स्थिति का विवरण शामिल है। इस सूची में स्पष्ट रूप से ममता बनर्जी को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया है। सूची के अनुसार, सुब्रत बख्शी को पार्टी का उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के रूप में दर्ज किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सुभाशीष चक्रवर्ती को कोषाध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सूची केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि पार्टी नेतृत्व द्वारा अपने अधिकार और वैध संगठनात्मक संरचना को आधिकारिक रूप से दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा भी है।

राष्ट्रीय कार्य समिति में प्रमुख नेताओं को जगह

तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व विवाद तेज, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को सौंपी नई संगठनात्मक सूची

नई सूची में तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, सुब्रत बख्शी, डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिम बंगाल सरकार के कई मंत्री, सांसद और संगठनात्मक नेता भी समिति का हिस्सा हैं। पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन का आधिकारिक ढांचा सक्रिय और कार्यरत है तथा नेतृत्व को व्यापक समर्थन प्राप्त है।

विशेष रूप से चंद्रिमा भट्टाचार्य को राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य के साथ-साथ पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वहीं शोभनदेब चट्टोपाध्याय को राज्य विधानसभा में पार्टी नेतृत्व से जुड़ी भूमिका के साथ शामिल किया गया है।

बागी गुट ने किया समानांतर ढांचे का दावा

चुनाव आयोग को सूची सौंपने का फैसला उस समय सामने आया जब पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के एक समूह ने कोलकाता में एक विशेष बैठक आयोजित कर समानांतर संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की। इस गुट ने वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष घोषित करते हुए मौजूदा नेतृत्व को चुनौती दी। बागी नेताओं का कहना है कि पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका था और नए संगठनात्मक चुनाव समय पर नहीं कराए गए।

बागी गुट का दावा है कि उनकी बैठक पार्टी के संविधान के अनुरूप आयोजित की गई थी और उसमें नई राष्ट्रीय कार्य समिति तथा अन्य पदाधिकारियों का चयन किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग को सूचित किया जाएगा।

नेतृत्व विवाद पर टीएमसी की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक नेतृत्व ने बागी गुट के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि संबंधित नेताओं को संगठनात्मक संरचना में बदलाव करने या समानांतर बैठक बुलाने का कोई अधिकार नहीं है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग को भेजी गई नई सूची ही संगठन की वैध और आधिकारिक संरचना को दर्शाती है। उनका कहना है कि पार्टी का नेतृत्व और संगठनात्मक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है तथा अधिकांश निर्वाचित प्रतिनिधि और पदाधिकारी इसके साथ हैं।

Leave a comment