त्रिपुरा में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने SHG महिलाओं से की मुलाकात

त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने TRLM SHG महिलाओं से मुलाकात कर उनके उद्यमिता प्रयासों की सराहना की। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया।

त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने TRLM के अंतर्गत SHG महिलाओं से मुलाकात कर उनके काम और उद्यमिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत कर रही है।

त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के राज्य Tripura में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से राज्यपाल Indra Sena Reddy Nallu ने शनिवार को स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं से मुलाकात की। यह दौरा राज्य के ओल्ड अगरतला आरडी ब्लॉक और जिरानिया आरडी ब्लॉक में आयोजित किया गया।

राज्यपाल ने Tripura Rural Livelihood Mission (TRLM) के तहत कार्यरत प्रगतिशील महिला SHG सदस्यों के घर जाकर उनके जीवन और आजीविका गतिविधियों को करीब से समझा।

महिलाओं की उद्यमशीलता की खुलकर सराहना

अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने SHG सदस्यों और उनके परिवारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने महिलाओं के मेहनत, समर्पण और उद्यमशीलता की भावना की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम उठा रही हैं।

राज्यपाल ने यह भी देखा कि किस तरह ये महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं और समाज में एक नई पहचान बना रही हैं।

TRLM की भूमिका और ग्रामीण विकास में योगदान

Tripura Rural Livelihood Mission (TRLM) राज्य में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस मिशन का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और टिकाऊ आजीविका के अवसर प्रदान करना है।

इस कार्यक्रम के तहत हजारों SHG समूह बनाए गए हैं, जो कृषि, हस्तशिल्प, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आय अर्जित कर रहे हैं।

आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम

राज्यपाल ने कहा कि SHG मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी से न केवल परिवारों की आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण समाज में सामाजिक बदलाव भी देखने को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जमीनी स्तर पर बदलाव की झलक

राज्यपाल के दौरे के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि SHG महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। कई महिलाएं अब छोटे व्यवसाय चला रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में योगदान दे रही हैं। इन गतिविधियों में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

वित्तीय समावेशन और सरकारी सहायता

TRLM के तहत महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इससे उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने और विस्तार करने में मदद मिल रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे SHG समूहों तक पहुंचाने के प्रयासों ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया है।

राज्यपाल का संदेश: आत्मनिर्भरता ही भविष्य

राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता ही विकास की असली नींव है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है। उन्होंने SHG सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने प्रयासों को आगे भी जारी रखें और दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।

ग्रामीण उद्यमिता को मिला बढ़ावा

TRLM के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को नया प्रोत्साहन मिला है। महिलाएं अब केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यवसायिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
 इस बदलाव ने न केवल आर्थिक स्थिति को बेहतर किया है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं की पहचान को मजबूत किया है।

सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि SHG मॉडल केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रहा है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी निभा रही हैं।

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