त्रिपुरा में TTAADC Village Committee चुनाव के लिए सोमवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। सुबह 10 बजे तक 20% से अधिक मतदान दर्ज हुआ। 587 समितियों की 2,950 सीटों पर 8,176 उम्मीदवार मैदान में हैं और 6.65 लाख मतदाता पात्र हैं।
अगरतला: त्रिपुरा में त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के तहत ग्राम समिति चुनाव सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुए। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के बाद 10 बजे तक 20% से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। यह चुनाव करीब 10 साल के अंतराल के बाद हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती घंटों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
10 साल बाद हो रहा है ग्राम समिति चुनाव
TTAADC के अंतर्गत आने वाले आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम समिति चुनाव लंबे अंतराल के बाद आयोजित किए जा रहे हैं। सोमवार सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मतदान केंद्रों पर पहुंचे और मतदान शुरू होने का इंतजार किया।
चुनाव प्रक्रिया राज्य के आठ जिलों में चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि मतदान के शुरुआती घंटों में स्थिति सामान्य रही और किसी भी मतदान क्षेत्र से अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। यह चुनाव जमीनी स्तर की स्थानीय शासन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि Village Committees TTAADC क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण स्तर के प्रतिनिधित्व से जुड़ी संस्थाएं हैं।
587 ग्राम समितियों की 2,950 सीटों पर मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल 587 Village Committees में 4,597 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया हो रही है। इनमें से 2,950 सीटों पर सोमवार को मतदान कराया जा रहा है।
वहीं, 1,644 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इसके अलावा तीन सीटों पर कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ, इसलिए ये सीटें खाली रह गई हैं।
जिन सीटों पर मुकाबला हो रहा है, उनके लिए कुल 8,176 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान के लिए करीब 6.65 लाख मतदाता पात्र हैं।
मतदान 1,095 मतदान केंद्रों पर कराया जा रहा है। ये केंद्र पहले से चिन्हित कुल 1,550 मतदान केंद्रों में से वे स्थान हैं, जहां वास्तविक मुकाबला है। चुनाव प्रक्रिया 44 ब्लॉकों में हो रही है।
सुबह से मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे मतदाता
मतदान शुरू होने से पहले ही कई इलाकों में मतदाताओं की कतारें दिखाई दीं। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सुबह 10 बजे तक राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में 20% से अधिक मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मतदान की शुरुआती प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। पुलिस और निर्वाचन अधिकारियों ने संवेदनशील तथा दूरदराज के इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।
BJP, Tipra Motha, IPFT और विपक्षी दल मैदान में
Village Committee चुनाव में कई प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवार मुकाबले में हैं। इनमें BJP, Tipra Motha Party (TMP), Indigenous People’s Front of Tripura (IPFT), CPI(M) के नेतृत्व वाला Left Front और Congress शामिल हैं।
राज्य में BJP का Tipra Motha Party और IPFT के साथ गठबंधन है, जबकि CPI(M)-नेतृत्व वाला Left Front और Congress विपक्षी खेमे में चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर के इन चुनावों में राजनीतिक दलों के लिए जमीनी समर्थन और संगठनात्मक पहुंच को परखने का भी मौका है।
हालांकि, प्रत्येक Village Committee में स्थानीय समीकरण और उम्मीदवारों की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए पूरे TTAADC क्षेत्र के चुनावी रुझान को केवल राज्य स्तरीय राजनीतिक गठबंधनों के आधार पर देखना उचित नहीं होगा।
15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए त्रिपुरा में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 74 कंपनियां Central Armed Police Forces (CAPF) की तैनात की गई हैं।
इसके अलावा करीब 8,977 पुलिस और Tripura State Rifles (TSR) के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कुल मिलाकर 15,000 से अधिक केंद्रीय और राज्य सुरक्षा कर्मी चुनाव प्रक्रिया में तैनात हैं।
संवेदनशील और दूरदराज के मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं। कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए करीब 1,500 वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को बिना भय मतदान का अवसर देना और मतदान केंद्रों पर किसी भी तरह की बाधा को रोकना है।
7,458 मतदानकर्मी चुनाव ड्यूटी में
मतदान प्रक्रिया के संचालन के लिए करीब 7,458 मतदानकर्मियों को 1,243 टीमों में संगठित किया गया है। मतदान से पहले इन टीमों को उनके निर्धारित केंद्रों पर भेजा गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अधिकांश मतदान टीमें मतदान केंद्रों तक पहुंच चुकी थीं। उन्हें चुनाव सामग्री और मतपेटियों के साथ दूरदराज तथा कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में भी भेजा गया।
मतदान पूरा होने के बाद मतदानकर्मी सीलबंद मतपेटियों को संबंधित Returning Officer के कार्यालय में जमा करेंगे।
EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान
Village Committee चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जा रहा है।
अलग-अलग श्रेणी की सीटों के लिए चार रंगों के बैलेट पेपर इस्तेमाल किए जा रहे हैं—सफेद, हल्का गुलाबी, हल्का हरा और हल्का नीला। अलग रंगों का इस्तेमाल मतदाताओं और मतदानकर्मियों को संबंधित सीटों के बैलेट की पहचान करने में मदद करता है।
चुनाव के बाद 5 अक्टूबर को होगी मतगणना
मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित Returning Officer कार्यालयों में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 5 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर counting centres की पहचान की गई है और counting supervisors तथा assistants की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
स्थानीय शासन के लिए महत्वपूर्ण चुनाव
TTAADC के अंतर्गत Village Committees आदिवासी क्षेत्रों में जमीनी स्तर की स्थानीय शासन व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसलिए करीब एक दशक बाद हो रहा यह चुनाव स्थानीय प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
करीब 6.65 लाख मतदाताओं के लिए यह चुनाव अपने स्थानीय स्तर के प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर प्रदान कर रहा है। वहीं, राजनीतिक दलों के लिए 587 ग्राम समितियों में संगठनात्मक आधार और स्थानीय समर्थन को मजबूत करने का मौका है।
सोमवार को सुबह 10 बजे तक 20% से अधिक मतदान और मतदान केंद्रों पर शुरुआती घंटों में देखी गई कतारों से चुनाव में मतदाताओं की शुरुआती भागीदारी का संकेत मिला है। फिलहाल प्रशासन का मुख्य जोर पूरे मतदान दिवस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर है।












