ट्रंप समर्थक लॉरा लूमर ने यूक्रेन में राष्ट्रपति जेलेंस्की से की मुलाकात, रूस-यूक्रेन युद्ध पर बदला रुख

अमेरिकी टिप्पणीकार लॉरा लूमर ने यूक्रेन दौरे के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की, रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिकी राजनीति मे नई बहस शुरू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी समर्थक लॉरा लूमर ने यूक्रेन दौरे के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। रूस-यूक्रेन युद्ध पर उनके बदले रुख और यूक्रेन के समर्थन में दिए गए बयानों ने अमेरिकी राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है।

कीव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी समर्थक और रूढ़िवादी राजनीतिक टिप्पणीकार लॉरा लूमर ने यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा कर राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। यह मुलाकात इसलिए चर्चा में है क्योंकि लूमर ने वर्षों तक रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर यूक्रेन की आलोचना की थी, लेकिन इस यात्रा के बाद उन्होंने अपने पुराने रुख में बड़ा बदलाव दिखाया।

यूक्रेन यात्रा के दौरान एयर रेड सायरन का अनुभव करने के बाद लूमर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने पहली बार महसूस किया कि यूक्रेन के नागरिक रोज़ किन परिस्थितियों में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में यूक्रेन को लेकर उनकी कुछ टिप्पणियां संवेदनहीन थीं और अब इस मुद्दे पर “नैतिक स्पष्टता” की आवश्यकता है।

एयर रेड के अनुभव ने बदली सोच

कीव पहुंचने के बाद लॉरा लूमर ने बताया कि उन्होंने पहली बार हवाई हमले की चेतावनी का प्रत्यक्ष अनुभव किया। उनके अनुसार, लगातार बजते सायरन और सुरक्षा की अनिश्चित स्थिति ने उन्हें यह समझने में मदद की कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिक किस प्रकार का मानसिक और शारीरिक दबाव झेलते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पहले वह यूक्रेन के हालात को गंभीरता से नहीं लेती थीं, लेकिन अब उन्हें महसूस हुआ कि युद्ध केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं बल्कि लाखों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा है।

वर्षों तक यूक्रेन की आलोचक रहीं

लूमर का यह बदला हुआ रुख इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय तक अमेरिका द्वारा यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने पहले कई मौकों पर यूक्रेन सरकार और उसके नेतृत्व पर तीखी टिप्पणियां की थीं। उनके विचार अमेरिकी रूढ़िवादी राजनीति के उस वर्ग से मेल खाते रहे हैं जो विदेशों में अमेरिकी सैन्य सहायता को सीमित करने की वकालत करता रहा है। इसी मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी अलग-अलग मत रहे हैं।

जेलेंस्की से हुई बातचीत

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ मुलाकात के दौरान लॉरा लूमर ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से व्हाइट हाउस में हुई पूर्व मुलाकात और अमेरिका-यूक्रेन संबंधों में आए बदलाव को लेकर सवाल पूछा।

जेलेंस्की ने जवाब में कहा कि वेटिकन में हुई एक संक्षिप्त मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने में अहम साबित हुई। उनके अनुसार, कुछ ही मिनटों की बातचीत ने आपसी संवाद को नई दिशा दी और रिश्तों में सकारात्मक बदलाव आया। यह बातचीत लूमर के डिजिटल कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड की गई, जिसके कुछ अंश बाद में सोशल मीडिया पर साझा किए गए।

ट्रंप ने भी दी प्रतिक्रिया

लूमर की यूक्रेन यात्रा और जेलेंस्की से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे "बहुत अच्छा" बताया। हालांकि व्हाइट हाउस या लूमर की टीम की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस यात्रा की योजना कैसे बनी या यह पूरी तरह निजी पहल थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी कहा कि सरकार ने इस दौरे का आयोजन नहीं किया था और उन्हें लूमर के यूक्रेन पहुंचने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली।

धार्मिक स्थल का भी किया दौरा

यूक्रेन यात्रा के दौरान लॉरा लूमर ने कीव-पेचेर्स्क लावरा स्थित प्रसिद्ध डॉर्मिशन कैथेड्रल का भी दौरा किया। यह ऐतिहासिक और धार्मिक परिसर हाल के महीनों में हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय चर्चा में रहा है।

लूमर ने चर्च परिसर से एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर हमले किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराए जा सकते। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आलोचना करते हुए कहा कि यदि कोई स्वयं को ईसाई मूल्यों का समर्थक बताता है तो धार्मिक धरोहरों को निशाना बनाना उस दावे के विपरीत है। रूस ने पहले इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि संबंधित घटना के लिए वह जिम्मेदार नहीं है।

अमेरिकी राजनीति में बढ़ी चर्चा

लूमर के इस बदले हुए रुख ने अमेरिकी राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर पहले से ही यूक्रेन को सैन्य सहायता, विदेश नीति और रूस के प्रति रणनीति को लेकर मतभेद रहे हैं। कुछ नेता यूक्रेन को निरंतर समर्थन देने के पक्षधर हैं, जबकि अन्य का मानना है कि अमेरिका को अपने घरेलू हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसे में ट्रंप समर्थक मानी जाने वाली लूमर की नई टिप्पणियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध अब भी जारी

रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अभी भी जारी है और दोनों पक्षों के बीच समय-समय पर मिसाइल एवं ड्रोन हमलों की खबरें आती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा कि अमेरिका इस संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन किसी त्वरित समाधान की उम्मीद करना फिलहाल व्यावहारिक नहीं होगा।

बदलते रुख के राजनीतिक मायने

विश्लेषकों का मानना है कि लॉरा लूमर का बदला हुआ दृष्टिकोण केवल व्यक्तिगत अनुभव का परिणाम नहीं बल्कि अमेरिकी राजनीति में यूक्रेन को लेकर बदलती बहस का भी संकेत हो सकता है। युद्ध क्षेत्र का प्रत्यक्ष अनुभव अक्सर सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करता है और यही बात इस यात्रा में भी देखने को मिली। हालांकि, अमेरिकी राजनीति में यूक्रेन को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं और आने वाले समय में यह मुद्दा विदेश नीति की प्रमुख चर्चाओं में शामिल रह सकता है।

आगे क्या?

लॉरा लूमर की यूक्रेन यात्रा और राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और वैश्विक कूटनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। उनके बदले हुए रुख ने यह संकेत दिया है कि युद्ध क्षेत्र का प्रत्यक्ष अनुभव कई बार पहले से बनी धारणाओं को बदल सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस यात्रा का अमेरिकी राजनीतिक विमर्श, रिपब्लिकन पार्टी के भीतर यूक्रेन को लेकर चल रही बहस और भविष्य की विदेश नीति पर कितना प्रभाव पड़ता है। वहीं रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी रहने की संभावना है।

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