Trump पर Truth Social के Paid Access को लेकर मुकदमा, पोस्ट की Early Access सेवा पर सवाल

Trump की Truth Social की Paid Access सेवा Truth API को लेकर मुकदमा दायर हुआ है। आरोप है कि भुगतान करने वालों को पोस्ट की Early Access मिलती है।

अमेरिका में The Intercept और Freedom of the Press Foundation ने Trump और उनके सहयोगियों के खिलाफ Truth API को लेकर मुकदमा दायर किया है। सेवा में भुगतान करने वाले ग्राहकों को Trump की पोस्ट तक जल्दी पहुंच मिलती है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके सहयोगियों के खिलाफ Truth Social की Paid Access सेवा को लेकर संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया गया है। The Intercept और Freedom of the Press Foundation ने आरोप लगाया कि Truth API के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों को Trump समेत प्रमुख खातों की पोस्ट तक आम लोगों से पहले पहुंच मिलती है, जबकि ऐसी पोस्ट बाजारों और सरकारी नीतियों को प्रभावित कर सकती हैं।

Truth API को लेकर संघीय अदालत में मुकदमा

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के Truth Social प्लेटफॉर्म से जुड़ी एक नई Paid Access सेवा कानूनी विवाद में घिर गई है। The Intercept और Freedom of the Press Foundation ने मैनहट्टन की संघीय अदालत में मुकदमा दायर कर Truth API सेवा को चुनौती दी है। यह सेवा भुगतान करने वाले ग्राहकों को Truth Social के प्रभावशाली खातों की पोस्ट तक आम यूजर्स की तुलना में पहले पहुंच उपलब्ध कराती है।

Trump Media & Technology Group ने Truth API को 1 अगस्त से शुरू किया था। कंपनी के अनुसार, यह संस्थागत ग्राहकों के लिए एक Licensed Data Feed है, जिसके जरिए Truth Social के प्रमुख खातों की पोस्ट तक तेज और मशीन-रीडेबल पहुंच मिलती है। सेवा की कीमत कथित तौर पर प्रति माह 1 लाख डॉलर तक है।

मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इस व्यवस्था के कारण ऐसे लोगों और संस्थानों को फायदा मिल सकता है, जो राष्ट्रपति की बाजार को प्रभावित करने वाली पोस्ट कुछ समय पहले हासिल कर लेते हैं। Trump अक्सर Truth Social पर टैरिफ, विदेश नीति और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों से जुड़ी घोषणाएं करते हैं, जिनका शेयर, तेल और दूसरे वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है।

Plaintiffs ने First Amendment का मुद्दा उठाया

याचिकाकर्ताओं ने Truth API को गंभीर रूप से अनुचित बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी महत्व की सूचनाओं तक भुगतान के आधार पर अलग-अलग पहुंच देना संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति की आधिकारिक घोषणाओं तक जनता और मीडिया की समान पहुंच होनी चाहिए।

मुकदमे में यह भी मांग की गई है कि जब तक Paid Feed की व्यवस्था जारी रहती है, तब तक White House को आधिकारिक सरकारी घोषणाओं के लिए Truth Social को विशेष या एकमात्र माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने से रोका जाए।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, Trump के दूसरे कार्यकाल के दौरान Truth Social पर हजारों पोस्ट और रिपोस्ट किए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या के बाद अलग से White House Statement जारी नहीं किया गया। इसी वजह से उनका तर्क है कि ऐसे संदेशों तक तेज पहुंच का महत्व केवल सोशल मीडिया अपडेट तक सीमित नहीं है।

Trump Media ने आरोपों को किया खारिज

Trump Media की ओर से मुकदमे पर अलग रुख सामने आया है। कंपनी का कहना है कि Trump की पोस्ट को कई प्लेटफॉर्म और News Organizations पहले से वितरित करते हैं और कुछ सेवाएं Subscription Model पर भी काम करती हैं।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने मुकदमे को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया और कहा कि इस तरह की कानूनी कार्रवाई Trump को लेकर जानकारी के प्रसार को प्रभावित करने की कोशिश है। White House ने तत्काल मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।

Trump Media के अंतरिम CEO Kevin McGurn ने कंपनी की Earnings Call में कहा था कि Truth API ग्राहकों को सामान्य पहुंच की तुलना में समाचार कुछ अंश पहले उपलब्ध कराता है। सेवा में Truth Social के 10 प्रमुख खातों की पोस्ट शामिल हैं।

Trump की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी

Truth API विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू Trump की Trump Media & Technology Group में हिस्सेदारी भी है। उपलब्ध नियामकीय आंकड़ों के अनुसार, Donald J. Trump Revocable Trust के जरिए Trump की कंपनी में करीब 41.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत लगभग 950 मिलियन डॉलर बताई गई है।

Truth API में Trump के अलावा Vice President JD Vance, Health and Human Services Secretary Robert F. Kennedy Jr., FBI Director Kash Patel और White House से जुड़े अकाउंट भी शामिल हैं।

इस सेवा को लेकर सवाल पहले भी उठ चुके हैं। जुलाई में Senators Elizabeth Warren और Adam Schiff ने Securities and Exchange Commission से Truth API की जांच करने की मांग की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि बाजार को प्रभावित करने वाली पोस्ट तक भुगतान के आधार पर तेज पहुंच से Market Integrity और निवेशकों के बीच समान अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

अब संघीय अदालत में दाखिल मुकदमे के जरिए Truth API की संवैधानिक और कानूनी स्थिति पर सवाल उठाया गया है। मामले की आगे की सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि भुगतान करने वाले ग्राहकों को सरकारी महत्व की सूचनाओं तक प्राथमिक पहुंच देने वाली व्यवस्था पर रोक लगाने का आधार बनता है या नहीं।

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