ट्रंप-शी जिनपिंग की बढ़ती नजदीकी? चीनी राष्ट्रपति ने दिया चीन आने का न्योता, ट्रंप ने कहा- जरूर आएंगे

शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप को चीन आने का न्योता दिया है। ट्रंप ने भी चीन दौरे पर जाने की बात कही। जानें ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात और US-China रिश्तों से

वॉशिंगटन की अपनी राजकीय यात्रा के समापन पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी दो और मुलाकातें होंगी।

वॉशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापार, रणनीतिक और भू-राजनीतिक मतभेदों के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संवाद का एक नया दौर देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच भविष्य की बैठकों और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा हुई। इसी दौरान शी जिनपिंग ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप को चीन आने का निमंत्रण दिया, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार करने की बात कही।

वॉशिंगटन दौरा समाप्त करने से पहले शी जिनपिंग ने संकेत दिया कि इस वर्ष उनकी ट्रंप से दो और मुलाकातें हो सकती हैं। उन्होंने नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) सम्मेलन में ट्रंप और मेलानिया को आमंत्रित किया। इसके अलावा दोनों नेताओं की एक और मुलाकात फ्लोरिडा में प्रस्तावित G20 बैठक के दौरान हो सकती है।

शी ने ट्रंप और उनकी पत्नी का चीन में स्वागत करने की बात कही। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि वे चीन जरूर आएंगे और दोनों नेताओं के बीच काफी बातचीत होगी। दोनों नेताओं के बयानों से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और चीन के बीच उच्चस्तरीय संपर्क आने वाले महीनों में जारी रह सकता है।

ईरान और होर्मुज को लेकर भी चर्चा

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत केवल अमेरिका-चीन संबंधों तक सीमित नहीं रही। ट्रंप ने बताया कि दोनों नेताओं ने ईरान से जुड़े विवाद पर भी चर्चा की। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल पूछे गए। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति पर असर डाल सकता है। 

ट्रंप से जब इस मार्ग से शिपिंग को सामान्य बनाने की कोशिशों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में अच्छा परिणाम सामने आएगा।

शी जिनपिंग को अमेरिकी इतिहास से कराया परिचित

शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के अंतिम दिन ट्रंप उन्हें नेशनल आर्काइव्स लेकर गए। यहां अमेरिकी इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं। ट्रंप ने शी को अमेरिकी लोकतंत्र के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी, जिनमें डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस, अमेरिकी संविधान और बिल ऑफ राइट्स शामिल हैं।

ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह चीनी राष्ट्रपति को अमेरिकी इतिहास की कुछ महत्वपूर्ण निशानियां दिखाना चाहते हैं। नेशनल आर्काइव्स में इस समय अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘द अमेरिकन स्टोरी’ नाम की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है।

इस प्रदर्शनी में अमेरिका के गठन, विकास और उपलब्धियों के साथ-साथ देश के इतिहास के चुनौतीपूर्ण दौर को भी दर्शाया गया है। शी जिनपिंग ने नेशनल आर्काइव्स का दौरा करने के बाद वॉशिंगटन यात्रा समाप्त की और अमेरिका से रवाना हो गए।

अमेरिका-चीन संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?

अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और दोनों के बीच व्यापार, तकनीक, सुरक्षा, ताइवान, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। ऐसे में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच नियमित बातचीत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, आगामी मुलाकातों के निमंत्रण और नेताओं के सकारात्मक बयानों को दोनों देशों के सभी विवादों के समाधान के रूप में नहीं देखा जा सकता। 

व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों की नीतियों में अंतर अभी भी बना हुआ है। आने वाले महीनों में प्रस्तावित बैठकों से यह स्पष्ट हो सकता है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बढ़ा संवाद अमेरिका-चीन संबंधों में किस तरह के व्यावहारिक बदलाव लाता है।

Leave a comment