उदयपुर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में सुबह 10 बजे तक 10.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वल्लभनगर में सबसे ज्यादा और भींडर में सबसे कम वोटिंग हुई। जिला परिषद और पंचायत समिति के 185 वार्डों के लिए 435 प्रत्याशी मैदान में हैं।
उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक जिले में 10.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, वल्लभनगर पंचायत समिति क्षेत्र में सबसे ज्यादा और भींडर में सबसे कम मतदान हुआ। इस चरण में जिला परिषद के 25 वार्डों और 10 पंचायत समितियों के 160 वार्डों के लिए मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। कुल 435 प्रत्याशी मैदान में हैं।
मतदान के दौरान कई केंद्रों पर महिला मतदाताओं और युवाओं में उत्साह देखने को मिला। महिलाएं समूह में मतदान केंद्रों तक पहुंचीं, जबकि कुछ युवा कार्यालय और अन्य कामों के बीच समय निकालकर वोट डालने पहुंचे। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी की है।
उदयपुर की 10 पंचायत समितियों में पहले चरण की वोटिंग
उदयपुर जिले में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में गुरुवार, 22 अक्टूबर को झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, गिर्वा, नाई, मावली, घासा, वल्लभनगर, भींडर और कुराबड़ पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है।
इन 10 पंचायत समितियों में कुल 7,32,667 पंजीकृत मतदाता हैं। मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों को चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले चरण में जिला परिषद के 25 वार्डों और पंचायत समितियों के 160 वार्डों में चुनाव हो रहे हैं।
मतदान से एक दिन पहले, बुधवार को पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षण देने के बाद संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया था। चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदानकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
वल्लभनगर में ज्यादा, भींडर में कम मतदान
सुबह 10 बजे तक मिले आंकड़ों में वल्लभनगर पंचायत समिति क्षेत्र में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि भींडर में वोटिंग की रफ्तार अपेक्षाकृत कम रही। जिले का कुल मतदान प्रतिशत 10.95 रहा।
सुबह के शुरुआती आंकड़े पूरे दिन के मतदान रुझान का अंतिम संकेत नहीं होते। दिन बढ़ने के साथ मतदाताओं की संख्या और मतदान प्रतिशत में बदलाव हो सकता है। अंतिम आंकड़ों के लिए निर्वाचन विभाग की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
घूंघट में मतदान केंद्र पहुंचीं महिलाएं
उदयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में महिला मतदाताओं की भागीदारी खास तौर पर दिखाई दी। कई महिलाएं समूह बनाकर मतदान केंद्रों तक पहुंचीं। कुछ महिलाएं घूंघट में वोट डालने आईं, जबकि विभिन्न बूथों पर महिला मतदाताओं की कतारें भी नजर आईं।
भींडर पंचायत समिति क्षेत्र के पीथलपुरा सरकारी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर सुबह से ही महिलाओं की कतार लग गई। इसी तरह वल्लभनगर पंचायत समिति के बालाथल मतदान केंद्र पर भी महिलाओं में मतदान को लेकर उत्साह देखा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों तक पहुंचकर वोट डालना स्थानीय प्रतिनिधियों के चयन में मतदाताओं की भागीदारी को दर्शाता है। जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्य स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण प्रशासन से जुड़े मामलों में भूमिका निभाते हैं।
रूण्डेड़ा के छह बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था
वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के रूण्डेड़ा में छह मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात किए गए हैं।
मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की मौजूदगी का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखना है। ग्रामीण चुनावों में मतदाताओं को बिना किसी बाधा के मतदान करने का अवसर देना और केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
![]()
काम के बीच वोट डालने पहुंचे युवा
गिर्वा पंचायत समिति क्षेत्र के उमरड़ा स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर भी मतदाताओं की अच्छी आवाजाही देखी गई। यहां महिला और पुरुष मतदाता कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। आसपास के गांवों से भी लोग मतदान करने पहुंचे।
मतदान केंद्र पर पहुंचे एक युवा मतदाता ने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि लोग अपने काम के बीच भी वोट देने के लिए समय निकालते हैं। उन्होंने बताया कि वह कार्यालय के काम के बीच मतदान करने आए हैं और वोट डालने के बाद वापस काम पर लौटेंगे।
युवा मतदाताओं की भागीदारी स्थानीय चुनावों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंचायत स्तर पर चुने जाने वाले प्रतिनिधियों के फैसलों का असर गांवों की सड़कों, पेयजल, स्वच्छता और अन्य स्थानीय सुविधाओं पर पड़ सकता है।
भाजपा उम्मीदवार हिम्मत सिंह झाला ने किया मतदान
उदयपुर जिला परिषद के वार्ड संख्या 47 से भाजपा उम्मीदवार हिम्मत सिंह झाला भी मतदान करने पहुंचे। उन्होंने गोटीपा मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इस दौरान झाला एक बुजुर्ग महिला मतदाता की व्हीलचेयर को सहारा देते हुए भी नजर आए। मतदान केंद्र पर उनकी इस गतिविधि की चर्चा हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस घटना के बाद किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
चुनाव के दौरान उम्मीदवारों का मतदान केंद्रों पर पहुंचना और मतदाताओं से संपर्क करना चुनावी गतिविधियों का हिस्सा होता है। वहीं, बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में सहायता उपलब्ध कराना मतदान केंद्रों पर सुगम व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
जिला परिषद और पंचायत समिति के 185 वार्डों पर नजर
पहले चरण में उदयपुर जिले में जिला परिषद के 25 वार्डों और 10 पंचायत समितियों के 160 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। इन चुनावों में कुल 435 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक और स्थानीय पकड़ के आधार पर मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिनिधित्व तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से गांवों के विकास और स्थानीय जरूरतों से जुड़े कई मुद्दे उठाए जाते हैं। इसलिए इन चुनावों के परिणाम स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ ग्रामीण प्रशासन की दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं।
सरपंच और वार्ड पंच के लिए 24 अक्टूबर को मतदान
उदयपुर जिले में चुनाव प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी की जानी है। 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हो रहा है, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव के लिए 24 अक्टूबर को वोटिंग निर्धारित है।
फिलहाल पहले चरण में मतदाता अपने जिला परिषद और पंचायत समिति प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। सुबह 10 बजे तक 10.95 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद अब दिनभर मतदान प्रतिशत में होने वाली बढ़ोतरी पर नजर रहेगी।
अंतिम मतदान आंकड़े और चुनाव परिणाम संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।









