यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में फिर बढ़ा तनाव, मॉस्को क्षेत्र सहित कई वेयरहाउस बने निशाना

रूस-यूक्रेन वॉर: मॉस्को क्षेत्र, सेंट पीटर्सबर्ग और टवर में ड्रोन हमले, कई लोगों की मौत, वेयरहाउस क्षतिग्रस्त और दोनों देशों में बढ़ते नागरिक नुकसान ।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मॉस्को क्षेत्र और अन्य इलाकों में कई वेयरहाउस निशाना बने, जबकि दोनों देशों ने हमलों में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी दी।

रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में मॉस्को क्षेत्र के पास स्थित एक औद्योगिक परिसर सहित रूस के कई इलाकों में रातभर ड्रोन हमले हुए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई और दस अन्य घायल हो गए। इसी दौरान सेंट पीटर्सबर्ग और टवर क्षेत्र में भी बड़े वेयरहाउस क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की गई। दूसरी ओर, रूस की ओर से यूक्रेन के कई शहरों पर किए गए हमलों में भी नागरिकों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। इससे स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब और अधिक व्यापक तथा जटिल होता जा रहा है।

मॉस्को क्षेत्र में औद्योगिक परिसर पर हमला

रूस के मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार चेखोव इलाके में स्थित एक औद्योगिक परिसर पर ड्रोन हमला हुआ। हमले के बाद एक बड़े वेयरहाउस में आग लग गई, जबकि विद्युत उपकेंद्र और प्रशासनिक भवन को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई और दस लोग घायल हुए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि अधिकारियों ने प्रभावित वेयरहाउस का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इसे रूस की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज़ से जुड़ा बताया गया।

वाइल्डबेरीज़ के कई केंद्र बने निशाना

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग और टवर क्षेत्र में भी वाइल्डबेरीज़ के वेयरहाउस पर हमलों की पुष्टि की गई है। कंपनी ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह स्वीकार किया कि उसके सेंट पीटर्सबर्ग स्थित परिसर को नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में विशाल वेयरहाउस से घना धुआं उठता दिखाई दिया। उपग्रह तस्वीरों में भी प्रभावित परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर धुएं का गुबार देखा गया। यूक्रेन का दावा है कि इन लॉजिस्टिक केंद्रों का उपयोग रूसी सेना को आपूर्ति पहुंचाने के लिए किया जाता है। वहीं रूस इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है और कहता है कि ये पूरी तरह नागरिक व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं।

रूस ने सैकड़ों ड्रोन मार गिराने का दावा किया

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 320 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया। मंत्रालय के अनुसार कई क्षेत्रों में संभावित बड़े नुकसान को समय रहते टाल दिया गया। हालांकि स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने सैन्य अभियानों के संबंध में अलग-अलग दावे करते रहे हैं।

समारा क्षेत्र में पहले हमला हुआ वेयरहाउस पूरी तरह नष्ट

रूसी अधिकारियों के अनुसार समारा क्षेत्र में रविवार को जिस बड़े वेयरहाउस पर ड्रोन हमला हुआ था, वह पूरी तरह नष्ट हो चुका है। वहां रखा पूरा सामान भी आग में जल गया। यह घटना दर्शाती है कि हाल के सप्ताहों में यूक्रेन ने रूस के भीतर लॉजिस्टिक और आपूर्ति केंद्रों को निशाना बनाने की रणनीति तेज कर दी है।

यूक्रेन में भी जारी रहे रूसी हमले

रूस की ओर से किए गए हमलों में यूक्रेन के कई शहर प्रभावित हुए। दक्षिणी बंदरगाह शहर मिकोलाइव में एक हमले में 89 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दो छोटी बच्चियों सहित कई लोग घायल हुए। सूमी क्षेत्र में एक आवासीय इलाके पर हुए हमले में एक महिला और दो बच्चियों की मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य लोग घायल हुए। यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि कई रिहायशी भवन और नागरिक ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। ड्नीप्रो में एक खाद्य गोदाम में आग लगने और बिलहोरोद-द्निस्त्रोव्स्की में भी हमलों से नुकसान की जानकारी सामने आई है।

समुद्र तट पर ड्रोन विस्फोट से बढ़ी चिंता

इससे एक दिन पहले रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र के एक समुद्र तट पर ड्रोन विस्फोट की घटना भी सामने आई थी। रूसी अधिकारियों के अनुसार इस घटना में सात लोगों की मौत हुई और 58 लोग घायल हुए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में समुद्र तट के पास ड्रोन गिरने के बाद बड़ा विस्फोट दिखाई दिया। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के कारण नियंत्रण खो बैठा, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्फोट से पहले गोलीबारी की आवाज सुनने की बात कही। यूक्रेन ने इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

दोनों पक्ष नागरिकों को निशाना बनाने से करते हैं इनकार

रूस और यूक्रेन दोनों लगातार यह कहते रहे हैं कि वे जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाते। हालांकि युद्ध के दौरान आवासीय क्षेत्रों, औद्योगिक परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन बार-बार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने की अपील कर चुके हैं।

युद्ध का बदलता स्वरूप

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब पारंपरिक सैन्य संघर्ष से आगे बढ़कर ड्रोन, लंबी दूरी के हमलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले अभियान में बदलता जा रहा है।

ऊर्जा प्रतिष्ठान, वेयरहाउस, परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक केंद्र अब युद्ध की रणनीति का प्रमुख हिस्सा बन चुके हैं। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

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