Union Budget 2026-27 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वित्त मंत्रालय कर्तव्य भवन शिफ्ट हो चुका है, लेकिन बजट की छपाई और हलवा सेरेमनी इस बार भी नॉर्थ ब्लॉक में ही आयोजित की जाएगी।
Union Budget 2026-27: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगले महीने की पहली तारीख को संसद में पेश होने वाले इस बजट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी बीच लोगों के मन में एक अहम सवाल उठ रहा है कि इस बार बजट कहां तैयार होगा। क्या वित्त मंत्रालय के नए पते कर्तव्य भवन में बजट बनेगा या फिर परंपरा के अनुसार नॉर्थ ब्लॉक में ही इसकी छपाई होगी।
वित्त मंत्रालय का पता बदल चुका है, लेकिन बजट से जुड़ी गोपनीय परंपराएं अब भी वैसी ही बनी हुई हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि इस बार बजट कहां तैयार होगा, हलवा सेरेमनी कब होगी और बजट प्रिंटिंग की पूरी प्रक्रिया क्या है।
कर्तव्य भवन में शिफ्ट हुआ वित्त मंत्रालय
सितंबर 2025 में वित्त मंत्रालय ने अपना नया ठिकाना बना लिया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मंत्रालय के आधे से ज्यादा अधिकारी अब कर्तव्य भवन में स्थित आधुनिक Central Secretariat से काम कर रहे हैं। यह भवन नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जहां देश के कई अहम मंत्रालयों को शिफ्ट किया गया है।
नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक ऑफिस, डिजिटल सिस्टम और बेहतर कार्य सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि आम लोगों को लगे कि बजट 2026-27 की तैयारी और छपाई भी यहीं होगी। लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है।
बजट की छपाई अब भी नॉर्थ ब्लॉक में ही
भले ही वित्त मंत्रालय का दफ्तर बदल गया हो, लेकिन बजट की छपाई का स्थान नहीं बदला है। इस बार भी केंद्रीय बजट और उससे जुड़े सभी गोपनीय दस्तावेज नॉर्थ ब्लॉक में स्थित सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में ही छापे जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, कर्तव्य भवन में फिलहाल ऐसा कोई सुरक्षित प्रिंटिंग प्रेस नहीं है, जो पूरी तरह से आम नजरों से दूर हो। बजट जैसे संवेदनशील दस्तावेजों के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा और पूर्ण गोपनीयता जरूरी होती है, जो अभी केवल नॉर्थ ब्लॉक की प्रेस में ही संभव है।
बजट प्रिंटिंग क्यों होती है इतनी गोपनीय

केंद्रीय बजट देश का सबसे अहम आर्थिक दस्तावेज होता है। टैक्स, सब्सिडी, योजनाएं, खर्च और नीतियां इससे जुड़ी होती हैं। अगर बजट की कोई भी जानकारी समय से पहले लीक हो जाए, तो सरकार की साख पर सवाल खड़े हो सकते हैं और बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
इसी वजह से बजट प्रिंटिंग को भारत के सबसे गुप्त सरकारी ऑपरेशंस में गिना जाता है। बजट से जुड़ी सैकड़ों कॉपियां छापी जाती हैं और हर पन्ने की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
बजट पेश होने तक दुनिया से कट जाते हैं कर्मचारी
बजट प्रिंटिंग में शामिल कर्मचारियों के लिए नियम बेहद सख्त होते हैं। नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में स्टाफ को लगभग दो हफ्तों तक क्वारंटाइन में रहना पड़ता है।
इस दौरान कर्मचारी न तो अपने परिवार से मिल सकते हैं और न ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाहर की दुनिया से संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। प्रिंटिंग प्रेस में केवल एक लैंडलाइन फोन होता है, जिसमें सिर्फ इनकमिंग कॉल की अनुमति होती है। कुछ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा किसी को भी इस क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। यह व्यवस्था बजट पेश होने तक जारी रहती है।
पहले कहां होती थी बजट की छपाई
आज भले ही नॉर्थ ब्लॉक बजट प्रिंटिंग का स्थायी केंद्र बन चुका हो, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था। 1980 से पहले बजट दस्तावेज राष्ट्रपति भवन में छापे जाते थे।
हालांकि 1950 में एक बार बजट से जुड़ी जानकारी लीक हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने सुरक्षा कारणों से छपाई को मिंटो रोड स्थित एक प्रेस में स्थानांतरित कर दिया। बाद में 1980 में इसे नॉर्थ ब्लॉक लाया गया, जहां अब तक यह प्रक्रिया चल रही है।
केंद्रीय बजट से पहले होने वाली हलवा सेरेमनी भी उतनी ही खास परंपरा है। यह समारोह बजट प्रिंटिंग की आधिकारिक शुरुआत का संकेत होता है। भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य से पहले मुंह मीठा कराने की परंपरा है। इसी सोच के तहत बजट निर्माण की शुरुआत हलवा सेरेमनी से की जाती है।
कब होगी हलवा सेरेमनी
सूत्रों के अनुसार, इस बार हलवा सेरेमनी अगले सप्ताह आयोजित की जा सकती है। यह समारोह नॉर्थ ब्लॉक के प्रिंटिंग प्रेस परिसर में होगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री स्वयं प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को हलवा परोसती हैं। इसके साथ ही बजट दस्तावेजों की छपाई का काम औपचारिक रूप से शुरू हो जाता है। हलवा सेरेमनी के बाद ही प्रिंटिंग स्टाफ को क्वारंटाइन किया जाता है और बजट पेश होने तक प्रेस पूरी तरह सील रहती है।












