यूपी में 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, CM योगी ने छह महीने में 1 लाख नौकरी का लक्ष्य दोहराया

CM योगी ने यूपी में 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए। अक्टूबर से फिर वितरण शुरू होगा और छह महीने में 1 लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य है।

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से नियुक्ति पत्र वितरण फिर शुरू होगा और छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र प्रक्रिया है और अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर वितरण शुरू होगा।

छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने करीब 15 सितंबर को हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण की बात कही थी। उनका लक्ष्य छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आंकड़े गिनता रहे, सरकार नियुक्ति पत्र वितरित करती रहेगी। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र वितरण शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक युवा को मिलता है, लेकिन इसकी खुशी पूरे परिवार और रिश्तेदारों में होती है। उन्होंने समयसीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भी बधाई दी।

सपा पर निशाना, भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार का दावा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले योग्य होने के बावजूद बिना पहुंच वाले गरीब परिवारों के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करना मुश्किल था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी नियुक्ति पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से उत्तर प्रदेश विकास की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले राज्य की स्थिति अलग थी और अब उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इन दावों के साथ उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट को तीन गुना करने की बात भी कही।

गांवों में रोजगार और ग्राम सचिवालय पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय की व्यवस्था है, जहां ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल और बीसी सखी सहित अन्य लोग बैठते हैं। उन्होंने बताया कि कई ग्राम सचिवालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बीसी सखी और रोजगार सेवक गांव में जन्म, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप, वेयरहाउस और सामुदायिक शौचालय जैसी व्यवस्थाओं से भी रोजगार के अवसर पैदा होने की बात उन्होंने कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, हर गांव 5-7 रोजगार का सृजन कर रहा है।

ग्राम पंचायतों को आय के आधार पर अतिरिक्त धनराशि

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को पंचायत व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें भी अपनी आय अर्जित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी।

पिछले चार दिनों की मूसलाधार बारिश का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 65 लाख गरीबों को पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो वे बेघर हो गए होते। उन्होंने कहा कि सभी एहतियाती कदम उठाने के बावजूद कुछ निर्दोष लोगों की जान चली गई।

माफिया और भ्रष्टाचार पर भी बोले मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में माफिया पहले की तरह हथियारों के साथ काफिले में नहीं चल सकते। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा या व्यापारी से फिरौती मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी के विज्ञापन के बाद पद के हिसाब से रकम तय होती थी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है। ये दोनों नेताओं के राजनीतिक दावे हैं।

गांवों में पेयजल और रोजगार को लेकर योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंदगी और शुद्ध पेयजल का अभाव गांवों में बीमारी का कारण बनता है। उन्होंने हर घर नल योजना और युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग देने की बात कही। उनके अनुसार, गांव के युवाओं के पास आइडिया और इनोवेशन के जरिए अपनी ग्राम पंचायत को बेहतर बनाने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा और उत्तर प्रदेश तभी विकसित होगा जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित और आत्मनिर्भर बनेगी।

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