UP Police Constable ने नौकरी के साथ सपा से चुनावी तैयारी की, धनघटा से टिकट की दावेदारी

UP Police Constable श्याम सुंदर चौहान धनघटा से सपा टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। लंबे समय से गैरहाजिरी के बाद निलंबित चौहान पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय हैं।

गोरखपुर में डायल-112 में तैनात रहे सिपाही श्याम सुंदर चौहान धनघटा से सपा के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। लंबे समय से गैरहाजिरी के बाद वे निलंबित हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं।

संतकबीरनगर: UP Police Constable श्याम सुंदर चौहान ने संतकबीर नगर की धनघटा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। गोरखपुर में डायल-112 में तैनाती के दौरान उनकी राजनीतिक गतिविधियां सामने आईं। पुलिस विभाग के मुताबिक, वे फिलहाल निलंबित हैं और लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं। वहीं, चौहान सपा के कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

धनघटा से चुनाव लड़ने की तैयारी

संतकबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव निवासी श्याम सुंदर चौहान यूपी पुलिस के 1994 बैच के सिपाही हैं। वर्ष 2023 में कुशीनगर से तबादले के बाद उनकी तैनाती गोरखपुर में डायल-112 में हुई थी। इसी दौरान उन्होंने धनघटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता बढ़ानी शुरू की। सोशल मीडिया पर उनकी क्षेत्र से जुड़ी शुरुआती पोस्ट 2023 की बताई गई हैं।

इसके बाद चौहान लगातार धनघटा क्षेत्र की गतिविधियों और सपा से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करते रहे। सपा के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और पार्टी के बैनर-पोस्टर पर तस्वीरें भी सामने आई हैं। वह अपने नाम के साथ अब भी ‘सिपाही’ लिखते हैं और लाल टोपी में तस्वीरें पोस्ट कर चुके हैं।

करीब एक महीने पहले धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लोहरेया में सपा के बूथ अध्यक्ष, जोन प्रभारी और सेक्टर प्रभारियों की समीक्षा बैठक हुई थी। चौहान ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया था। अपने संबोधन में उन्होंने खुद को सिपाही बताते हुए कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की बात कही।

नौकरी से निलंबन और लगातार गैरहाजिरी

रिपोर्ट के अनुसार, चौहान लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर थे। करीब तीन महीने पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद भी उनके पुलिस लाइन में उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है। उनकी गैरहाजिरी के दौरान ड्यूटी रिकॉर्ड में हाजिरी कैसे दर्ज होती रही, इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

गोरखपुर के एसपी क्राइम अयोध्या सिंह के मुताबिक, श्याम सुंदर चौहान काफी समय से निलंबित हैं और हाजिरी भी नहीं लगा रहे हैं। पुलिस विभाग उनसे संपर्क कर लगातार गैरहाजिर रहने का कारण जानने की कोशिश कर रहा है।

चौहान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि वह शुरू से समाजवादी पार्टी की नीतियों से प्रभावित रहे हैं। उनके मुताबिक, पुलिस विभाग में रहते हुए वह लोगों को उस तरह न्याय नहीं दिला पा रहे थे जैसा चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने राजनीति में आने और विधायक बनने का विचार किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह करीब तीन साल से क्षेत्र में सक्रिय हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं।

सरकारी कर्मचारी के लिए चुनाव लड़ने के नियम

सरकारी सेवा में रहते हुए किसी कर्मचारी की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सेवा आचरण नियम लागू होते हैं। खबर में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी शिव पूजन सिंह के हवाले से कहा गया है कि सरकारी नौकरी में रहते हुए कोई कर्मचारी विधानसभा या स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं लड़ सकता। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है, जिसमें बर्खास्तगी तक का प्रावधान बताया गया है।

चौहान के मामले में यह भी चर्चा है कि वह पुलिस सेवा छोड़कर सीधे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, उनके भविष्य के राजनीतिक कदम और धनघटा से उनकी उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला संबंधित पार्टी नेतृत्व करेगा।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 प्रस्तावित हैं और चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है। धनघटा सीट को लेकर भी विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। मौजूदा चुनावी जानकारी के अनुसार 2027 के चुनाव की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

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