पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में बृहस्पतिवार को शीतकालीन यात्रा का विधिवत रूप से मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जीएमवीएन ऊखीमठ परिसर से ओंकारेश्वर मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गई।
रुद्रप्रयाग: पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में गुरुवार को विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधि-विधान के साथ शीतकालीन यात्रा 2025 का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर जीएमवीएन ऊखीमठ परिसर से ओंकारेश्वर मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिला मंगल दल, युवा मंगल दल और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलश यात्रा के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने यात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-दमाऊ की धुनें और धार्मिक जयकारों से पूरा ऊखीमठ क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
विधिवत पूजा-अर्चना के साथ यात्रा की शुरुआत
कलश यात्रा के ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण और जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य पुजारी के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना कर शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के साथ भगवान ओंकारेश्वर से प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि वह भगवान ओंकारेश्वर से क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लोगों के कल्याण और समृद्धि की कामना करती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचकर शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ कर चुके थे। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे स्थानीय पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
![]()
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि शीतकालीन यात्रा को लेकर प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उन्होंने कहा कि:
- सड़कों की मरम्मत कर ली गई है
- पेयजल और विद्युत आपूर्ति को सुचारू किया गया है
- श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त की गई है
- सुरक्षा के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की गई हैं
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकालीन यात्रा से जिले की स्थानीय आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। होटल, टैक्सी, दुकानदार और स्थानीय व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा। ओंकारेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर पंचकेदार की गद्दी स्थली है। शीतकाल के दौरान जब केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली यहीं विराजमान रहती है।
उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन करने से केदारनाथ धाम के दर्शन के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि सर्दियों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।









