उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची 2026 के SIR ड्राफ्ट रोल के बाद सीधे मतदाताओं द्वारा आवेदन में जबरदस्त उछाल देखा गया। राजनीतिक दलों के माध्यम से नाम जोड़ने का प्रभाव कम रहा। 11 जनवरी तक रिकॉर्ड 1,26,984 आवेदन दर्ज।
UP News: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची (voter list) के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के तहत 6 जनवरी 2026 को पहला ड्राफ्ट रोल जारी किया गया। इसके बाद आपत्तियों का दौर शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग (CEO, UP) द्वारा प्रतिदिन जारी किए जा रहे आंकड़ों में यह स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि मतदाता अब खुद अपने नाम जोड़ने में अधिक सक्रिय हो गए हैं, जबकि राजनीतिक दलों की भागीदारी अपेक्षाकृत सीमित रही है।
राजनीतिक दलों के माध्यम से नाम जोड़ने का ट्रेंड
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 7 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक राजनीतिक दलों के माध्यम से कुल 5,76,611 बीएलए (Booth Level Agents) के जरिए नाम जोड़ने के दावे प्राप्त हुए। इस अवधि की शुरुआत में राजनीतिक दलों की सक्रियता काफी कम रही।
7 जनवरी को राजनीतिक दलों के माध्यम से कुल 128 नाम जोड़ने के दावे दर्ज किए गए। इनमें 105 भारतीय जनता पार्टी (BJP), 17 बहुजन समाज पार्टी (BSP) और 6 समाजवादी पार्टी (SP) से जुड़े थे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) से इस दिन कोई दावा दर्ज नहीं हुआ।
8 जनवरी को राजनीतिक दलों के जरिए नाम जोड़ने की संख्या बढ़कर 1,170 हो गई। इसमें अकेले बीजेपी के दावे 1,121 थे, जबकि एसपी से 26, बीएसपी से 19 और कांग्रेस से 4 दावे दर्ज किए गए।

9 जनवरी को यह संख्या 1,334 तक पहुंच गई, जिसमें बीजेपी के 1,214, SP के 82, BSP के 19 और कांग्रेस के 19 दावे शामिल थे। 10 जनवरी को यह आंकड़ा 1,796 तक पहुंचा और 11 जनवरी को 1,919 पर स्थिर हुआ। इस दिन तक बीजेपी के दावे 1,458, SP के 268, BSP के 108 और कांग्रेस के 85 रहे।
इस दौरान यह भी देखा गया कि राजनीतिक दलों ने किसी भी दिन मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कोई दावा नहीं किया। हालांकि ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद से ही SP और बीजेपी एक-दूसरे पर फर्जी मतदाता शामिल कराने का आरोप लगा रहे हैं।
सीधे मतदाताओं द्वारा आवेदन में उछाल
राजनीतिक दलों के आंकड़ों की तुलना में अधिक ध्यान देने वाली बात यह रही कि मतदाता खुद अपने नाम जोड़ने के लिए सक्रिय हुए। 7 जनवरी को ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद सीधे मतदाताओं द्वारा कोई आवेदन दर्ज नहीं हुआ।
लेकिन 8 जनवरी को अचानक स्थिति बदल गई और सीधे 30,663 आवेदन दर्ज किए गए। 9 जनवरी को यह संख्या बढ़कर 32,290 हुई। यह दर्शाता है कि आम मतदाता अब खुद इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं।
असली उछाल 10 जनवरी को देखा गया, जब सीधे मतदाताओं के आवेदन 92,456 तक पहुंच गए, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग तीन गुना थे। 11 जनवरी को यह संख्या और बढ़ी और 1,26,984 आवेदन दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।










