भारत दौरे पर पहुंचे उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव, राष्ट्रपति मुर्मू और एस. जयशंकर से करेंगे मुलाकात

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री Bakhtiyor Saidov भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। अपने दौरे के दौरान वह राष्ट्रपति Droupadi Murmu और विदेश मंत्री S. Jaishankar से अहम

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री Bakhtiyor Saidov सोमवार सुबह आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां भारत की ओर से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके इस दौरे को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली: उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव (सैदोव बख्तियार ओडिलोविच) आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंच गए हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और उज्बेकिस्तान अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। नई दिल्ली पहुंचने पर भारतीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच बढ़ते सहयोग के संदर्भ में उज्बेकिस्तान का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विदेश मंत्री स्तर की यह यात्रा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की साझेदारी को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और एस. जयशंकर से होगी मुलाकात

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, बख्तियार सैदोव अपनी यात्रा के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके अलावा उनकी विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है। हैदराबाद हाउस में होने वाली इस बैठक के दौरान दोनों नेता व्यापारिक संबंधों, निवेश सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, परिवहन संपर्क, क्षेत्रीय स्थिरता और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच जारी उच्च स्तरीय संवाद प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।

बिजनेस फोरम में भी करेंगे शिरकत

अपने दौरे के दौरान उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री नई दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के उद्योग जगत, निवेशकों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, बुनियादी ढांचा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार को बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

इस यात्रा से पहले जुलाई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की थी। बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि नियमित संवाद और उच्च स्तरीय संपर्क दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रणनीतिक साझेदारी को मिल रहा नया आयाम

भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश रणनीतिक साझेदार हैं और सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, ऊर्जा, कनेक्टिविटी तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। मध्य एशिया में उज्बेकिस्तान की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति उसे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है। वहीं भारत, उज्बेकिस्तान के लिए एक बड़ा बाजार और निवेश गंतव्य माना जाता है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के भीतर भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

मई में नई दिल्ली में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations) का 17वां दौर आयोजित किया गया था। इस बैठक में व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा, नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ था।दोनों देशों के अधिकारियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए थे। इससे यह संकेत मिला था कि भारत और उज्बेकिस्तान केवल आर्थिक संबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि व्यापक रणनीतिक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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