पहली सोमवारी पर देवघर में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए 10 किमी लंबी कतार

श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में 10 किमी लंबी कतार लगी। करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना, AI से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत

श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जलार्पण के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार लगी है और लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन करने की संभावना जताई जा रही है।

देवघर: श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात से ही भक्तों की लंबी कतार मंदिर तक पहुंच गई और प्रशासन ने सुरक्षित एवं व्यवस्थित जलार्पण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक एआई तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।

पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ी आस्था की भीड़

राजकीय श्रावणी मेला शुरू होने के बाद पहली सोमवारी पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार देर रात से ही देश के विभिन्न राज्यों से आए कांवरियों और श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर की ओर पहुंचने लगी। रात दो बजे से पहले ही जलार्पण के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार लग गई, जो सोमवार सुबह तक बनी रही। प्रशासन का अनुमान है कि दिनभर में लगभग दो लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं। श्रावणी मेले के दौरान पहली सोमवारी का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

सुबह से शुरू हुई पूजा-अर्चना, अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था

सोमवार सुबह मंदिर के पट खुलने के साथ ही पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू हुई। प्रातःकालीन पूजा सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि भगवान शिव को गंगाजल और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए श्रद्धालु इन्हीं के साथ जलार्पण कर रहे हैं। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सुबह से ही मंदिर परिसर में मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंदिर खुलने से पहले तैयारियों का जायजा लिया और जलार्पण शुरू होने के बाद रूट लाइन का निरीक्षण भी किया।

सुरक्षा के लिए तैनात रही RAF और पुलिस बल

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और रूट लाइन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बाह्य अर्घा के पास सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने की जिम्मेदारी संभाली। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से बाहर निकालने के लिए अलग निकास मार्ग बनाए गए हैं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति न बने।

वीआईपी दर्शन बंद, सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था

श्रावणी मेले के दौरान प्रशासन ने इस बार सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था लागू की है। आउट ऑफ टर्न दर्शन, वीआईपी दर्शन और सोमवार को शीघ्रदर्शनम जैसी विशेष सुविधाएं पूरी तरह बंद रखी गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव के व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण का अवसर मिल सके। प्रशासन का कहना है कि इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ है और कतार व्यवस्था भी सुचारु बनी हुई है।

एआई तकनीक से हो रही भीड़ और यातायात की निगरानी

श्रावणी मेले में पहली बार बड़े स्तर पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन ने एआई आधारित समेकित मेला नियंत्रण कक्ष, फेस रिकॉग्निशन कैमरे, एआई कैमरे, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ड्रोन निगरानी, हेड काउंटिंग सिस्टम और हाई क्वालिटी एएनपीआर कैमरे लगाए हैं। इसके अलावा क्यूआर कोड आधारित शिकायत प्रणाली, हेल्पलाइन, डिजिटल पवेलियन और लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम भी सक्रिय किए गए हैं। इन तकनीकों की मदद से भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने की तैयारी की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन व्यवस्थाओं के चलते श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अनुभव मिलेगा।

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