VBL Share Price: शराब कारोबार में एंट्री के ऐलान के बाद भी Varun Beverages के शेयर क्यों फिसले? जानिए वजह

VBL Share Price: Varun Beverages के शराब कारोबार में एंट्री के ऐलान के बाद शेयर करीब 3% फिसले। जानिए निवेशकों की चिंता और ब्रोकरेज की राय क्या है।

पेप्सी की बॉटलिंग करने वाली दिग्गज कंपनी वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (VBL) के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। कंपनी के बोर्ड ने एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी KIVA Spirits and Company Limited के गठन को मंजूरी दी है, जिसके जरिए कंपनी रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) अल्कोहलिक बेवरेज और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार में प्रवेश करेगी।

VBL Share Price Today: पेप्सिको के लोकप्रिय पेय पदार्थों की बॉटलिंग करने वाली Varun Beverages Limited (VBL) ने अपने कारोबार के विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) अल्कोहलिक बेवरेज सेगमेंट में प्रवेश करने की योजना का ऐलान किया है। इसके बावजूद बुधवार को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयरों में करीब 2 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली।

बाजार में अक्सर किसी सकारात्मक कॉरपोरेट घोषणा के बाद शेयर में तेजी की उम्मीद की जाती है। लेकिन VBL के मामले में तस्वीर कुछ अलग रही। शेयर की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हावी होने के बाद स्टॉक लाल निशान में चला गया।

शुरुआत में चढ़ा VBL Share, फिर आई गिरावट

बुधवार के कारोबारी सत्र में Varun Beverages का शेयर बढ़त के साथ करीब ₹431 पर खुला। शुरुआती खरीदारी के बीच स्टॉक ने ₹447.90 का इंट्राडे हाई भी बनाया। हालांकि, इस स्तर पर बिकवाली बढ़ने के बाद शेयर नीचे आ गया और करीब ₹423 तक फिसल गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने कंपनी की नई कारोबारी पहल को लेकर शुरुआती उत्साह के बाद मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। 

यानी अच्छी खबर आने के बावजूद शेयर की चाल केवल घोषणा पर निर्भर नहीं रही, बल्कि बाजार ने कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा।

शराब कारोबार में क्यों उतर रही है VBL?

Varun Beverages ने मंगलवार को बताया कि उसके बोर्ड ने KIVA Spirits & Company नाम से एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कंपनी का मुख्य कारोबार RTD अल्कोहलिक बेवरेज और इससे जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में होगा। हालांकि, इस कारोबार को शुरू करने के लिए जरूरी नियामकीय और अन्य मंजूरियां हासिल करना जरूरी होगा। इसका अर्थ है कि कंपनी की घोषणा तत्काल राजस्व में बदलने वाली नहीं है। नए कारोबार के लिए लाइसेंस, उत्पादन, वितरण और ब्रांड निर्माण जैसी प्रक्रियाओं में समय लग सकता है।

PepsiCo के साथ समझौते में बदलाव बना अहम कारण

VBL के इस नए कदम के पीछे PepsiCo के साथ उसके मौजूदा समझौतों में हुआ बदलाव महत्वपूर्ण है। कंपनी और PepsiCo के बीच एक्सक्लूसिव बॉटलिंग नियुक्ति और ट्रेडमार्क लाइसेंस समझौते में संशोधन किया गया है। इन बदलावों के बाद वह प्रतिबंध हट गया है, जिसके कारण Varun Beverages को PepsiCo के उत्पादों से अलग दूसरे कारोबारी क्षेत्रों में गतिविधियां करने की सीमाएं थीं। इससे कंपनी को अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने का अवसर मिला है।

यह बदलाव VBL की लंबी अवधि की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी अब केवल सॉफ्ट ड्रिंक और गैर-अल्कोहलिक पेय बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहती।

ट्यूनीशिया में भी विस्तार की योजना

कंपनी ने ट्यूनीशिया में बेवरेज उत्पादन और वितरण के लिए एक ज्वाइंट वेंचर बनाने को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित कारोबार में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस, पानी और डेयरी उत्पाद शामिल होंगे। इससे कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। VBL पहले से कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में PepsiCo के उत्पादों के निर्माण और वितरण से जुड़ी गतिविधियां करती है।

VBL के नए कदम के बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने कंपनी के शेयर पर अपनी 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹629 का टारगेट प्राइस दिया है। CLSA के मुताबिक, अल्कोहलिक बेवरेज कारोबार में प्रवेश से Varun Beverages के लिए संभावित बाजार का दायरा बढ़ सकता है। ब्रोकरेज ने भारत के अल्कोहलिक बेवरेज बाजार का अनुमानित आकार करीब 50.8 अरब डॉलर बताया है।

हालांकि, किसी ब्रोकरेज का टारगेट प्राइस भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन, प्रतिस्पर्धा और नए कारोबार के क्रियान्वयन पर भी नजर रखनी चाहिए।

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