विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए लैडल विस्फोट हादसे में एक और मजदूर की मौत के बाद मृतकों की संख्या नौ हो गई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए भारी मुआवजे की घोषणा की है और जांच जारी है।
विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) स्टील प्लांट में हुआ भीषण औद्योगिक हादसा अब और गंभीर हो गया है। लैडल (ladle) में हुए विस्फोट के बाद पिघला हुआ स्टील फैलने से अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इस दुर्घटना ने देशभर में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा: पिघले स्टील का अचानक विस्फोट
प्रारंभिक जांच के अनुसार, 8 तारीख की शाम स्टील उत्पादन यूनिट में काम के दौरान अचानक लैडल में जोरदार विस्फोट हुआ। यह लैडल अत्यधिक तापमान पर मौजूद पिघले स्टील को संभालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विस्फोट के तुरंत बाद गर्म लावा जैसा पिघला हुआ स्टील आसपास कार्यरत मजदूरों पर गिर पड़ा, जिससे मौके पर ही भारी तबाही मच गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी और तत्काल बचाव अभियान
घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अन्य कर्मचारियों और प्रशासनिक टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।
एक और मौत के बाद बढ़ा आंकड़ा 9 तक
हादसे में घायल एक मजदूर पेदिराजू, जो विशाखापट्टनम के सेवन हिल्स अस्पताल में उपचाराधीन था, ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। इस मौत के साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। कई अन्य घायलों की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
सरकार का मुआवजा पैकेज और आर्थिक सहायता
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के लिए व्यापक मुआवजा योजना की घोषणा की है। मृतकों के परिवारों को प्रारंभिक रूप से ₹25 लाख की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा सरकारी लाभ, बीमा और अन्य योजनाओं को मिलाकर नियमित कर्मचारियों के परिजनों को कुल ₹1.72 करोड़ तक की सहायता राशि मिलेगी।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के परिवारों के लिए लगभग ₹45 लाख तक का मुआवजा निर्धारित किया गया है, जबकि घायलों को ₹10 लाख तक की सहायता दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का बयान और सरकार की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।
औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर भारत के भारी उद्योगों में सुरक्षा मानकों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च तापमान वाले संयंत्रों में मामूली तकनीकी खराबी भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में नियमित सुरक्षा जांच और उपकरणों के रखरखाव को लेकर गंभीरता की आवश्यकता है।
जांच प्रक्रिया और तकनीकी कारणों की पड़ताल
राज्य सरकार और RINL प्रबंधन ने संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर लैडल फटने को तकनीकी विफलता से जोड़ा जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही चलेगा। विशेषज्ञों की टीम यह भी जांच करेगी कि कहीं संचालन प्रक्रिया में कोई मानवीय त्रुटि तो नहीं हुई।
मृतकों के परिवारों में शोक और मजदूरों में दहशत
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है। वहीं प्लांट के अन्य कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। कई श्रमिक संगठनों ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।









