India Meteorological Department के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब 23 जून के आसपास मानसून Telangana, Odisha, Jharkhand, Bihar और Chhattisgarh के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
नई दिल्ली: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी पड़ गई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी हीटवेव और तेज आंधी का असर बना रह सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की मौजूदा गति में अस्थायी विराम आया है। हालांकि, मौसम प्रणाली के अनुकूल होने पर 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।
कई राज्यों में जारी है भारी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और केरल के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम में तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु और केरल में भी भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ इन क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
नया पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम
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मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में कई राज्यों पर दिखाई देगा।इस प्रणाली के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम में बदलाव आएगा और राजस्थान सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है।
राजस्थान में विशेष रूप से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में बारिश और तेज आंधी का दौर जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
हीटवेव से अभी नहीं मिलेगी पूरी राहत
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं मध्य भारत के कुछ राज्यों में गर्मी का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।
पूर्वी भारत में तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र में पहले हल्की बढ़ोतरी और बाद में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।गोवा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
बिजली गिरने और आंधी का खतरा
हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा, विदर्भ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित कई क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है। किसानों और यात्रियों को भी स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की मौजूदा धीमी गति अस्थायी है और अगले कुछ दिनों में अनुकूल परिस्थितियां बनने पर इसकी प्रगति फिर तेज हो सकती है। 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है, जिससे हीटवेव की स्थिति में सुधार होगा और कृषि गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।










