कब्जे वाले वेस्ट बैंक के ताल गांव में हुई हिंसक गोलीबारी में चार फिलिस्तीनी और दो इजरायली मारे गए। घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। इजरायली सेना ने सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है, जबकि इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ताल वेस्ट बैंक: कब्जे वाले वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में स्थित ताल (Tal) गांव रविवार को हिंसक गोलीबारी की घटना से दहल उठा। इस घटना में कम से कम चार फिलिस्तीनी और दो इजरायली नागरिकों की मौत हो गई। यह हाल के महीनों में वेस्ट बैंक की सबसे घातक घटनाओं में से एक मानी जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और इजरायली सेना ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
गोलीबारी की शुरुआत कैसे हुई, इसे लेकर फिलिस्तीनी और इजरायली पक्षों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। स्थानीय फिलिस्तीनी निवासियों का कहना है कि सुबह के समय कुछ यहूदी बसने वालों (Settlers) ने गांव में घरों पर हमला किया। इसके बाद ग्रामीण उनका विरोध करने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर बाद इजरायली सैनिक मौके पर पहुंचे और गोलीबारी शुरू हो गई। दूसरी ओर, इजरायली सेना (IDF) का कहना है कि उसे सूचना मिली थी कि क्षेत्र में घूम रहे कुछ इजरायली नागरिकों पर हमला किया गया है। सेना के मुताबिक, एक सुरक्षा गार्ड का हथियार छीन लिया गया, जिसका इस्तेमाल कर उस पर गोली चलाई गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया।
एक ही परिवार के चार फिलिस्तीनियों की मौत
इजरायली सेना के अनुसार, मारे गए चार फिलिस्तीनी एक ही परिवार के सदस्य थे। सेना का कहना है कि गोलीबारी के दौरान उनकी मौत हुई। वहीं फिलिस्तीनी अधिकारियों का दावा है कि कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा के अनुसार, दो अन्य इजरायली भी घायल हुए हैं। मृतकों में एक सुरक्षा गार्ड और एक सैनिक शामिल हैं।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई बहस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं। हालांकि, इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। एक वीडियो में फिलिस्तीनियों, इजरायली सैनिकों और हथियारबंद नागरिकों के बीच तनावपूर्ण झड़प दिखाई देती है। दूसरे वीडियो में दो फिलिस्तीनी युवकों को हथियार पकड़ने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद गोलियां चलने की आवाज सुनाई देती है। इन वीडियो ने घटना को लेकर नई बहस छेड़ दी है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी आधिकारिक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं।
अस्पताल में छापेमारी, दो संदिग्ध हिरासत में
घटना के कुछ घंटों बाद इजरायली सेना ने नाबलुस के एक अस्पताल में छापा मारा। सेना का दावा है कि गोलीबारी में शामिल दो संदिग्ध इलाज के लिए वहां पहुंचे थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और अन्य संभावित संदिग्धों की तलाश जारी है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कड़ा रुख
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों और उनके समर्थकों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई और प्रभावित इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने के निर्देश दिए। सरकार ने यह भी कहा कि कथित हमलावर के घर को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा कुछ अनधिकृत यहूदी बस्तियों को वैध बनाने और नई बस्तियों की स्थापना की प्रक्रिया तेज करने की घोषणा भी की गई है।
फिलिस्तीनी प्रशासन ने लगाया गंभीर आरोप
फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने घटना को "नरसंहार" करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। मंत्रालय का कहना है कि वेस्ट बैंक में बसने वालों की बढ़ती हिंसा को इजरायली सरकार और सुरक्षा बलों का संरक्षण मिल रहा है, जिससे ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिलता है। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
अन्य गांवों में भी बढ़ा तनाव
ताल गांव की घटना के बाद वेस्ट बैंक के आसपास के कई गांवों में भी हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कई फिलिस्तीनी घायल हुए हैं। एक व्यक्ति के सिर में गोली लगने की भी सूचना है। सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में बैरिकेड लगाए हैं और तलाशी अभियान जारी है।
लंबे समय से जारी है तनाव
अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से वेस्ट बैंक में हिंसा की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस अवधि में वेस्ट बैंक में एक हजार से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें अधिकांश की मौत इजरायली सैन्य अभियानों के दौरान हुई। वहीं कई इजरायली नागरिक और सुरक्षा कर्मी भी फिलिस्तीनी हमलों में जान गंवा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटना से क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास, लगातार बढ़ती हिंसा और राजनीतिक मतभेदों के कारण हालात फिलहाल शांत होते नहीं दिख रहे हैं।
आगे क्या?
इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक में व्यापक आतंकवाद-रोधी अभियान चलाने की घोषणा की है। वहीं स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि जांच के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या सामने आती हैं और क्या दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल, वेस्ट बैंक का यह इलाका भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेहद संवेदनशील बना हुआ है।












