कर्नाटक विधान परिषद में यतींद्र सिद्धारमैया को बड़ी जिम्मेदारी, बने सदन के नेता

कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया को विधान परिषद में सदन का नेता नियुक्त किया गया है। मानसून सत्र की शुरुआत पर उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिली।

कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया को विधान परिषद में सदन का नया नेता नियुक्त किया गया है। मानसून सत्र की शुरुआत के दौरान प्रोटेम चेयरमैन पुट्टन्ना ने उनके नाम की घोषणा की। यतींद्र ने विपक्ष और सत्ता पक्ष से सहयोग मांगा।

बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य विधान परिषद में यतींद्र सिद्धारमैया को सदन का नया नेता नियुक्त किया गया है। राज्य के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया के लिए यह पहली बड़ी विधायी नेतृत्व जिम्मेदारी है। गुरुवार को विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रोटेम चेयरमैन पुट्टन्ना ने उनके नाम की घोषणा की और नई जिम्मेदारी के लिए उनका स्वागत किया। नई भूमिका संभालने के बाद यतींद्र सिद्धारमैया ने सदन के सदस्यों से सहयोग और मार्गदर्शन की अपील की। उन्होंने कहा कि मंत्री और सदन के नेता के रूप में यह उनकी पहली जिम्मेदारी है और इस भूमिका में उनका अनुभव अभी सीमित है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से सहयोग की उम्मीद जताई।

यतींद्र ने सदस्यों से मांगा सहयोग

विधान परिषद में अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर यतींद्र सिद्धारमैया ने विनम्र रुख अपनाया। उन्होंने सदस्यों से कहा कि अगर उनसे किसी तरह की गलती होती है तो उन्हें सही किया जाए और उनका मार्गदर्शन किया जाए।

उन्होंने कहा कि वह पहली बार मंत्री बनने के साथ-साथ सदन के नेता की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इसलिए सदन के वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों का मार्गदर्शन उनके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

यतींद्र ने राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर विधानसभा की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उनके बयान के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया।

सिद्धारमैया के बेटे हैं यतींद्र

यतींद्र सिद्धारमैया कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिद्धारमैया के बेटे हैं। राजनीति में आने से पहले भी वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2018 से 2023 के बीच उन्होंने वरुणा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

वर्तमान में यतींद्र कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने पिता सिद्धारमैया की वरुणा सीट से जीत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वरुणा विधानसभा क्षेत्र मैसूरु जिले में आता है और सिद्धारमैया के राजनीतिक सफर में इसका विशेष महत्व रहा है।

अब विधान परिषद में सदन के नेता की जिम्मेदारी मिलने के बाद यतींद्र की राजनीतिक भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

मानसून सत्र के साथ नई जिम्मेदारी

कर्नाटक विधानमंडल का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हुआ। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही यतींद्र सिद्धारमैया को सदन का नेता बनाए जाने की घोषणा की गई। सत्र के दौरान राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, प्रशासनिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

सदन के नेता के तौर पर यतींद्र की भूमिका सरकार और विधान परिषद के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण होगी। उन्हें विपक्ष के सवालों का सामना करने के साथ-साथ सरकारी पक्ष को सदन में प्रभावी ढंग से रखने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

नई जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब कर्नाटक में मानसून सत्र के दौरान विभिन्न नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना है।

मुख्यमंत्री और नेताओं ने भी की मुलाकात

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने विधान सौध में प्रोटेम स्पीकर टी.बी. जयचंद्र से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। विधानसभा के नए सत्र के दौरान सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं की यह गतिविधियां राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद विधानसभा के पहले सत्र में प्रवेश करने से पहले डी.के. शिवकुमार ने विधान सभा के प्रवेश द्वार पर झुककर सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यालय में भी श्रद्धांजलि और सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

दिवंगत नेताओं को विधानसभा में श्रद्धांजलि

कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही के दौरान हाल में दिवंगत हुए वरिष्ठ नेताओं और पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता रामचंद्र गौड़ा के राजनीतिक योगदान को याद किया।

विजयेंद्र ने कहा कि रामचंद्र गौड़ा ने जनसंघ के दौर में बेंगलुरु नगर निगम के पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने सार्वजनिक सेवा और प्रशासनिक दक्षता के लिए अपनी अलग पहचान बनाई थी।

विजयेंद्र के अनुसार, गौड़ा की प्रशासनिक क्षमता की तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने भी सराहना की थी। उन्हें बाल-अनुकूल विधायक और उत्कृष्ट सांसद के तौर पर भी सम्मान मिला था।

कई पूर्व विधायकों के योगदान को याद किया

श्रद्धांजलि प्रस्ताव के दौरान विजयेंद्र ने पूर्व कोलार विधायक और वरिष्ठ अधिवक्ता के.आर. श्रीनिवास के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने एस.एच. पुट्टारंगनाथ, पूर्व रायचूर विधायक सैयद यासीन, पूर्व येलहंका प्रतिनिधि श्रीनिवास और पूर्व शिवमोग्गा विधायक एच.एम. चंद्रशेखरप्पा को भी याद किया।

इसके अलावा एच. हनुमंथप्पा और कृष्णप्पा के सार्वजनिक जीवन में योगदान का भी उल्लेख किया गया। विजयेंद्र ने कहा कि इन सभी नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में काम करते हुए कर्नाटक के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

श्रद्धांजलि के दौरान सदन ने दिवंगत नेताओं और जनप्रतिनिधियों के योगदान को याद किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एस. जानकी और आशा भोसले को भी याद किया

बीजेपी नेता बी.वाई. विजयेंद्र ने दिवंगत महान गायिकाओं एस. जानकी और आशा भोसले को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दोनों दिग्गज गायिकाओं ने संगीत की दुनिया में ऐसी विरासत छोड़ी है, जो लंबे समय तक लोगों की यादों में जीवित रहेगी।

विजयेंद्र ने उनके गीतों और संगीत योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाजें लोगों की स्मृतियों में हमेशा बनी रहेंगी। विधानसभा में इन महान कलाकारों को श्रद्धांजलि दिया जाना सत्र के दौरान राजनीतिक और विधायी चर्चाओं से अलग एक भावनात्मक क्षण रहा।

एच.डी. देवगौड़ा के परिवार को भी श्रद्धांजलि

विजयेंद्र ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा की दिवंगत पत्नी चेन्नम्मा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा न केवल देवगौड़ा के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए मजबूती का स्रोत थीं।

उन्होंने उनके परिवार और सार्वजनिक जीवन से जुड़े योगदान को याद करते हुए संवेदना व्यक्त की। विधानसभा में श्रद्धांजलि का यह हिस्सा राज्य के राजनीतिक इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को याद करने का अवसर बना।

अब यतींद्र के सामने बड़ी जिम्मेदारी

विधान परिषद में सदन के नेता के रूप में यतींद्र सिद्धारमैया की नई भूमिका कई लिहाज से महत्वपूर्ण है। उन्हें परिषद में सरकार का पक्ष रखने, विपक्ष के सवालों का जवाब देने और सदन की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में भूमिका निभानी होगी।

खुद यतींद्र ने स्वीकार किया है कि इस जिम्मेदारी में उनका अनुभव सीमित है। ऐसे में उनके लिए वरिष्ठ नेताओं और सदन के अनुभवी सदस्यों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा।

मानसून सत्र के दौरान सरकार के सामने कई राजनीतिक और जनहित के मुद्दे होंगे। ऐसे में विधान परिषद के नेता के तौर पर यतींद्र सिद्धारमैया का प्रदर्शन उनकी राजनीतिक भूमिका के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।

फिलहाल, उनकी नियुक्ति के साथ कर्नाटक विधान परिषद में सरकार के नेतृत्व की नई व्यवस्था शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष ने उनके नाम का स्वागत किया है, जबकि यतींद्र ने सभी दलों से सहयोग और रचनात्मक मार्गदर्शन की अपेक्षा जताई है।

Leave a comment