उत्तर प्रदेश में आईपीएस प्रमोशन के बाद 20 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। माघ मेला के बीच प्रयागराज जोन में एडीजी बदलने से पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
UP News: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। हाल ही में आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन के बाद अब राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। बुधवार को जारी आदेश में कुल 20 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन तबादलों ने न सिर्फ पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
माघ मेला के बीच प्रयागराज जोन में बदलाव
इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक संजीव गुप्ता का है। प्रयागराज में माघ मेला जैसे संवेदनशील और विशाल आयोजन के बीच एडीजी जोन को हटाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। माघ मेला में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है। ऐसे समय में जोन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण असामान्य माना जा रहा है।
वरिष्ठ IPS अधिकारी संजीव गुप्ता को प्रयागराज से हटाकर लखनऊ स्थित डीजीपी कार्यालय से अटैच किया गया है। उनकी जगह पीटीएस जालौन में तैनात रहे ज्योति नारायण को प्रयागराज जोन का नया एडीजी बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर नए दायित्व
तबादला सूची के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशांत कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन बनाया गया है। तरुण गाबा को अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। आशुतोष कुमार को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का एडीजी नियुक्त किया गया है। इन पदों को पुलिस व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि प्रशासन, सुरक्षा और भर्ती से जुड़ी नीतियां इन्हीं अधिकारियों के माध्यम से लागू होती हैं।
लखनऊ कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल
राजधानी लखनऊ में भी पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर अहम बदलाव किए गए हैं। आईजी मानवाधिकार उत्तर प्रदेश अपर्णा कुमार को लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही लखनऊ कमिश्नरेट से अमित वर्मा को हटाया गया है। यह बदलाव राजधानी की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक रणनीति में नए संकेत देता है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे किरन एस को लखनऊ रेंज का आईजी बनाया गया है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मानवाधिकार और लॉजिस्टिक्स विभाग में बदलाव
राज्य पुलिस मुख्यालय में भी जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। एडीजी रामकुमार को अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक्स नियुक्त किया गया है। एडीजी राजकुमार को अपर पुलिस महानिदेशक मानवाधिकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन दोनों विभागों का सीधा असर पुलिस के संसाधन प्रबंधन और मानवाधिकार से जुड़े मामलों पर पड़ता है।
प्रयागराज जोन में नई टीम
ज्योति नारायण को प्रयागराज जोन का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। माघ मेला जैसे आयोजन के दौरान यह जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही विजय ढुल को प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
राजेश मोदक को आईजी स्थापना लखनऊ बनाया गया है। आरके भारद्वाज को आईजी रेलवे लखनऊ की जिम्मेदारी मिली है। आनंद कुलकर्णी को आईजी एंटी करप्शन लखनऊ नियुक्त किया गया है। अमित वर्मा को आईजी ईओडब्ल्यू लखनऊ बनाया गया है। अखिलेश निगम को आईजी सीआईडी लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।
एन कोलांची को आईजी रेलवे प्रयागराज बनाया गया है। राजीव मल्होत्रा को आईजी यूपी एसएफआईएस लखनऊ नियुक्त किया गया है। रोहन पी कनय को डीआईजी विशेष जांच लखनऊ बनाया गया है। मोहम्मद इमरान को डीआईजी भवन एवं कल्याण लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संतोष कुमार मिश्र को डीआईजी पीटीएस जालौन बनाया गया है।
तबादलों के पीछे प्रशासनिक संकेत
इन तबादलों को सरकार की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि माघ मेला के बीच प्रयागराज जोन में बदलाव को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि सरकार कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अनुभवी अधिकारियों को रणनीतिक पदों पर तैनात कर रही है।













