लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आजम खान को गृह मंत्री बनाने के शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा पर दंगे की राजनीति का आरोप लगाया।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सपा पर तीखा हमला बोला। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने बिना नाम लिए आजम खान को गृह मंत्री बनाने के शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी। योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सत्ता में लौटकर फिर से दंगे कराना चाहते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी और उससे जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।
आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर योगी का पलटवार
लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने सपा नेता शिवपाल यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात के बाद सपा की सरकार बनने पर उन्हें गृह मंत्री बनाने और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई का बदला लेने की बात कही थी।

योगी आदित्यनाथ ने बिना आजम खान का नाम लिए कहा कि ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाने की बात कही जा रही है, जिसके नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति के पीछे फिर से प्रदेश में दंगे कराने की मंशा हो सकती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा की कथित राजनीतिक सोच पर भी सवाल उठाए।
दंगों और CAA को लेकर भी सपा-कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगों से जुड़े लोगों को तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित कराने वाले लोगों का आज समर्थन किया जा रहा है। उन्होंने इसे शर्मनाक सोच बताते हुए विपक्षी दलों पर हमला बोला।
योगी ने नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA के विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि CAA के प्रावधानों को लेकर लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई स्थानों पर विरोध और हिंसा की स्थिति पैदा करने के प्रयास हुए थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय सपा और कांग्रेस ने इन आंदोलनों को पीछे से समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि CAA में पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए कुछ गैर-मुस्लिम समुदायों को नागरिकता देने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
विभाजन की त्रासदी को लेकर कांग्रेस पर भी हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 1947 के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने की राजनीतिक इच्छा के कारण देश का विभाजन हुआ और करोड़ों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को हिंसा और विस्थापन का सामना करना पड़ा। योगी ने कहा कि इतिहास को केवल पढ़ने के बजाय उससे सीख लेना जरूरी है, ताकि अतीत में हुई गलतियों को दोहराया न जाए।
मुख्यमंत्री ने देश के गुलाम होने के कारणों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद और जाति तथा क्षेत्र के आधार पर बंटवारे ने समाज को कमजोर किया। उनके अनुसार, आंतरिक विभाजन और लगातार हुए षड्यंत्रों का फायदा विदेशी आक्रांताओं को मिला।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का भी किया जिक्र
योगी ने अपने संबोधन में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वोट बैंक प्रभावित होने के डर से उन्होंने ऐसे मामलों पर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचना है। उन्होंने कहा कि इतिहास की गलतियों को समझकर समाज को एकजुट रखना जरूरी है।
सरदार पटेल प्रतिमा से लोकभवन तक निकली पदयात्रा
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में सरदार पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक मौन पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मास्क लगाकर पदयात्रा में शामिल हुए। करीब आधा किलोमीटर की इस यात्रा में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
लोकभवन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सभागार में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी और शॉर्ट फिल्म देखी। इस दौरान विभाजन के दौरान विस्थापित होकर भारत आए परिवारों के लोगों से भी मुलाकात की गई। कार्यक्रम में प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद करना आने वाली पीढ़ियों को इतिहास समझाने और समाज में एकता बनाए रखने के लिए जरूरी है। उन्होंने लोगों से अतीत की घटनाओं से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की अपील की ।









