प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी यूरोप यात्रा से ठीक पहले केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा तेज कर दी है।
नई दिल्ली: Narendra Modi के आगामी यूरोप दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री 15 से 20 मई के बीच नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रहेंगे, जहां वह द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा कर सकते हैं। यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और अनावश्यक रूप से सोने की खरीदारी से बचें।
माना जा रहा है कि यह अपील पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए की गई है, ताकि घरेलू स्तर पर संसाधनों पर दबाव कम किया जा सके।
राजनाथ सिंह की अपील: “घबराएं नहीं, स्थिति नियंत्रण में है”
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा:
“नागरिक शांत रहें और घबराएं नहीं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा की कोई कमी न हो।”
उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित मंत्रियों का एक अनौपचारिक उच्च स्तरीय समूह (Inter-Ministerial Group) लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।
ऊर्जा और सप्लाई चेन पर सरकार की निगरानी
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि पश्चिम एशिया में तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स पर पड़ सकता है। इसी कारण भारत सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक सप्लाई चैन और रणनीतिक भंडारण पर ध्यान केंद्रित किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि, ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, किसी भी संभावित कमी को रोकने के लिए आपात योजनाएं तैयार हैं।
पीएम मोदी का संदेश: संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की थी। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। उन्होंने जनता से अपील की कि:
- अनावश्यक ईंधन खर्च से बचें
- निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाएं
- कार-पूलिंग और मेट्रो सेवाओं को प्राथमिकता दें
- लॉजिस्टिक्स में रेल परिवहन को बढ़ावा दिया जाए
- इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ें
- सोना खरीदारी और विदेशी मुद्रा पर भी सलाह
प्रधानमंत्री ने आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए नागरिकों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की भी अपील की थी। उनका कहना था कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी। उन्होंने इसे केवल आर्थिक नहीं बल्कि “राष्ट्रीय जिम्मेदारी” बताया और कहा कि कठिन समय में अनुशासित जीवनशैली देश की ताकत बनती है।
वैश्विक हालात और भारत की रणनीति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और सप्लाई चेन में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारत ने पहले से ही एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं। नीतिगत स्तर पर सरकार का ध्यान इन बिंदुओं पर है:
- ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना
- आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण
- रणनीतिक भंडारण को बढ़ाना
- अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई के बीच नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा ऊर्जा सहयोग, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।











