आंध्र प्रदेश के अल्लूरी जिले में अमलगुड़ा गांव के आदिवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनोखा विरोध किया। ग्रामीणों ने 2 किलोमीटर डोली यात्रा निकाली और बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
अमलगुडा: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पाडेरू क्षेत्र में स्थित अनंतगिरी मंडल के अमलगुडा गांव के आदिवासी निवासियों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। गांव के लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगभग दो किलोमीटर लंबी ‘डोली यात्रा’ निकाली और अपनी वर्षों पुरानी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
यह प्रदर्शन अमलगुडा गांव से शुरू होकर ताडिगुडा झरने तक जाने वाली सड़क के हिस्से तक पहुंचा। इस विरोध में ग्रामीणों ने प्रतीकात्मक रूप से डोली का उपयोग किया, जिससे यह दर्शाया जा सके कि सड़क न होने के कारण आज भी उन्हें बीमार और बुजुर्ग लोगों को ऐसे ही असुविधाजनक तरीकों से ले जाना पड़ता है।
पर्यटन विकास के बीच बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव
अमलगुडा गांव में लगभग आठ आदिवासी परिवार रहते हैं और यह गांव अनंतगिरी मंडल मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। क्षेत्र में पर्यटन तेजी से विकसित हो रहा है, खासकर ताडिगुडा जलप्रपात (Waterfalls) के कारण यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। लेकिन इसके बावजूद गांव की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं उनका गांव आज भी पक्की सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित है। खराब या अनुपस्थित सड़क के कारण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता है।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप, कई बार दी गई शिकायतें
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय और एमपीडीओ कार्यालय में जन शिकायत प्रणाली (PGRS) के माध्यम से आवेदन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
गांव के निवासी कोर्रा गोपी और कौशल्या ने बताया कि प्रशासन से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो गांव के लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
आदिवासी संगठनों की मांग: ‘अडवी थल्ली बाटा’ योजना के तहत सड़क निर्माण हो
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीएम जिला कार्यकारी सदस्य के. गोविंदा राव ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने मांग की कि सरकार ‘अडवी थल्ली बाटा’ योजना के तहत तल्लारिपाडु और अमलगुडा जैसे विशेष पिछड़े आदिवासी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़े।
उन्होंने कहा कि यदि इन गांवों तक पक्की सड़क बनती है तो न केवल एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं पहुंच सकेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन विकास का लाभ भी स्थानीय समुदाय को मिल सकेगा।
बुनियादी ढांचे की कमी से बढ़ रही मुश्किलें
अमलगुडा गांव जैसे कई आदिवासी क्षेत्र आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। सड़क न होने के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं तक पहुंच सीमित हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला है।












