आगरा के नए DM मनीष बंसल की सक्सेस स्टोरी, UPSC से लेकर प्रशासन तक सफर

IAS मनीष बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी बनाया गया। 2014 बैच के अधिकारी, IIT दिल्ली से पढ़े बंसल तकनीक आधारित प्रशासन के लिए जाने जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत IAS मनीष बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। 2014 बैच के अधिकारी बंसल ने UPSC में 53वीं रैंक हासिल की थी। IIT दिल्ली से पढ़े बंसल पहले सहारनपुर के डीएम रह चुके हैं और तकनीक आधारित प्रशासन के लिए जाने जाते हैं।

IAS Manish Bansal Agra DM Appointment: उत्तर प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत आगरा में नए जिलाधिकारी के रूप में IAS मनीष बंसल की नियुक्ति की गई है। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी बंसल इससे पहले सहारनपुर में डीएम के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने UPSC परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल की थी और IIT दिल्ली से M.Tech किया है। पंजाब के संगरूर निवासी बंसल प्रशासन में तकनीक आधारित सुधारों के लिए जाने जाते हैं और अपने कार्यकाल में कई विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए चर्चित रहे हैं।

आगरा के नए DM बने IAS मनीष बंसल

उत्तर प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत IAS मनीष बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे सहारनपुर में डीएम के पद पर कार्यरत थे और अब उन्हें ताज नगरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

2014 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष बंसल ने UPSC परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल की थी। IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में M.Tech करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में सफलता पाई और प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग पहचान बनाई।

आगरा के नए DM मनीष बंसल की सक्सेस स्टोरी, UPSC से लेकर प्रशासन तक सफर

शिक्षा और प्रशासनिक करियर

मनीष बंसल पंजाब के संगरूर के रहने वाले हैं। उनके पिता बैंक में मुख्य प्रबंधक रह चुके हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले बंसल ने प्रशासन में टेक्नोलॉजी आधारित समाधान अपनाकर काम किया है।

संभल में डीएम रहते हुए उन्होंने सोत नदी के पुनरुद्धार जैसे बड़े अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया था, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। उनकी पहचान एक तेज और समाधान-केंद्रित अधिकारी के रूप में बनी है।

परिवार, पत्नी और प्रशासनिक जुड़ाव

मनीष बंसल की पत्नी IAS मेधा रूपम भी एक चर्चित अधिकारी हैं और फिलहाल नोएडा की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वह 2014 बैच की अधिकारी हैं और UPSC में 10वीं रैंक हासिल कर चुकी हैं।

मेधा रूपम का शैक्षणिक और खेल पृष्ठभूमि भी मजबूत है। वे अर्थशास्त्र में स्नातक हैं और एक प्रोफेशनल शूटर भी रह चुकी हैं। उनके पिता ज्ञानेश कुमार भारत के चुनाव आयुक्त हैं, जिससे यह परिवार प्रशासनिक सेवा में खास पहचान रखता है।

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