ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत अंतिम चरण में पहुंचकर भी असफल रही। ईरान ने अमेरिका की नई शर्तों और बदलते रुख को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया, हालांकि दोनों पक्षों ने भविष्य में समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानी है।
Iran-US Talks Breakdown: इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई उच्चस्तरीय वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, जबकि दोनों पक्ष अंतिम चरण तक पहुंच चुके थे। ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत लगभग तय थी, लेकिन आखिरी समय में अमेरिका की अतिरिक्त मांगों और बदलते रुख के कारण डील नहीं हो सकी। यह वार्ता क्षेत्रीय तनाव को कम करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल थे। फिलहाल, कूटनीतिक समाधान की संभावना अभी भी बनी हुई है।
‘बस थोड़ा रह गया था समझौता’
Seyyed Abbas Araghchi के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि “इस्लामाबाद समझौता” लगभग तय हो चुका था और केवल अंतिम चरण बाकी था।
उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पूरी ईमानदारी और सद्भावना के साथ वार्ता में हिस्सा लिया, ताकि क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म किया जा सके। लेकिन अंतिम दौर में हालात अचानक बदल गए और बातचीत रुक गई।

अमेरिका की शर्तों ने बिगाड़ी बात
ईरान का आरोप है कि अमेरिका की ओर से अत्यधिक मांगें और बार-बार बदलते लक्ष्य समझौते में सबसे बड़ी बाधा बने। अराघची ने कहा कि जब बातचीत निर्णायक मोड़ पर थी, तब नई शर्तें सामने रखी गईं, जिससे भरोसे का माहौल कमजोर हुआ।
हालांकि उन्होंने विस्तार से यह नहीं बताया कि किन मांगों पर विवाद हुआ, लेकिन इतना स्पष्ट किया कि इन कारणों से समझौता संभव नहीं हो पाया। उनका कहना था कि सद्भावना से ही सकारात्मक नतीजे निकलते हैं, जबकि टकराव से दूरी बढ़ती है।
अभी भी खुला है बातचीत का रास्ता
इस बीच Masoud Pezeshkian ने संकेत दिया है कि भविष्य में समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह अपने रुख में लचीलापन दिखाए और ईरान के अधिकारों का सम्मान करे।
राष्ट्रपति ने बातचीत में शामिल टीम की सराहना करते हुए कहा कि अगर दोनों पक्ष आपसी सम्मान के साथ आगे बढ़ें, तो समाधान निकल सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक प्रयास अभी जारी रह सकते हैं।









