आंखों के आसपास दिखने वाले पीले धब्बे केवल त्वचा की समस्या नहीं होते। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसे ज़ैंथेलाज़्मा कहा जाता है और यह बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल व हार्ट डिजीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते जांच और लाइफस्टाइल सुधार से गंभीर जोखिम से बचा जा सकता है।
आंखों के आसपास पीले धब्बे: आंखों के पास पीले पैच दिखना कब, कहां और क्यों चिंता का कारण बनता है, इसे लेकर एक्सपर्ट्स अहम जानकारी दे रहे हैं। दिल्ली के राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अजीत जैन के अनुसार, यह समस्या ज़ैंथेलाज़्मा कहलाती है, जो त्वचा के नीचे कोलेस्ट्रॉल जमा होने से होती है। यह अक्सर बढ़ती उम्र में दिखती है और लिपिड प्रोफाइल बिगड़ने का संकेत हो सकती है। सही समय पर जांच इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही स्थिति भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती है।
आंखों के आसपास पीले धब्बे क्या बताते हैं
आंखों के आसपास पीले रंग के धब्बे दिखना सिर्फ स्किन की समस्या नहीं हो सकता। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। मेडिकल भाषा में इन धब्बों को ज़ैंथेलाज़्मा कहा जाता है, जो त्वचा के नीचे कोलेस्ट्रॉल जमा होने से बनते हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या ज्यादा दिखती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं माना जाता।
दिल्ली के राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के अनुसार, कई मामलों में ये धब्बे शरीर के अंदर चल रही गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम की ओर इशारा करते हैं, खासकर तब जब बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा हो।

ज़ैंथेलाज़्मा और हार्ट से कनेक्शन
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि ज़ैंथेलाज़्मा तब बनता है, जब आंखों के आसपास की त्वचा के नीचे कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। इसका सीधा मतलब है कि शरीर की लिपिड प्रोफाइल बिगड़ सकती है, जो हार्ट के लिए खतरे की घंटी है।
डॉक्टरों के मुताबिक, कई लोग इसे सिर्फ कॉस्मेटिक दिक्कत समझकर छोड़ देते हैं, जबकि यह हार्ट डिजीज का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों में यह समस्या होती है, उनमें भविष्य में हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है।
पीले धब्बे दिखें तो क्या करें
अगर आंखों के आसपास पीले पैच नजर आएं, तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेकर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना जरूरी है। खासतौर पर 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके साथ डायबिटीज की जांच भी कराई जा सकती है।
एक्सपर्ट्स डाइट और लाइफस्टाइल सुधार पर भी जोर देते हैं। कम तेल वाला भोजन, रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज और वजन नियंत्रण से कोलेस्ट्रॉल को काबू में रखा जा सकता है। अगर लिपिड प्रोफाइल सामान्य आए, तो स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह ली जा सकती है।













