BMC Election 2026 से पहले समाजवादी पार्टी में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। अबू आज़मी और रईस शेख के टकराव का असर चुनावी रणनीति पर पड़ा, जिसके चलते अखिलेश यादव का प्रस्तावित मुंबई दौरा रद्द कर दिया गया।
BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 से पहले समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के अंदर चल रहा अबू आज़मी और रईस शेख का टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। इस आंतरिक विवाद का सीधा असर पार्टी की चुनावी रणनीति पर पड़ा है और इसी वजह से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का प्रस्तावित मुंबई दौरा रद्द करना पड़ा है।
बीएमसी चुनाव जैसे बड़े राजनीतिक मुकाबले से पहले पार्टी के भीतर यह अस्थिरता सपा के लिए चिंता का विषय बन गई है। महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के बीच यह विवाद पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है।
3 जनवरी का पत्र बना विवाद की जड़
इस पूरे विवाद की शुरुआत 3 जनवरी से मानी जा रही है। इसी दिन समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक विस्तृत पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आज़मी की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई थी।
रईस शेख ने आरोप लगाया कि अबू आज़मी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं और पार्टी के भीतर अनावश्यक व्यवधान पैदा कर रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया कि संगठन को मजबूत करने के बजाय प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पार्टी को कमजोर कर रही है।
टिकट वितरण को लेकर गंभीर आरोप
रईस शेख के पत्र का सबसे अहम हिस्सा टिकट वितरण से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अबू आज़मी ने भिवंडी और मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए टिकट बांटने में मनमानी की।
शेख का कहना है कि टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं और संभावित मजबूत उम्मीदवारों की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। इसके चलते पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल रही है और चुनावी तैयारी कमजोर पड़ रही है।
उनका दावा है कि इस कुप्रबंधन का सीधा असर पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है और बीएमसी चुनाव में सपा की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सार्वजनिक बयानों से बढ़ी नाराजगी
रईस शेख ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि अबू आज़मी के कुछ सार्वजनिक बयान पार्टी के हितों के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि ऐसे बयान कार्यकर्ताओं में भ्रम और असंतोष पैदा कर रहे हैं।
शेख के मुताबिक, जब चुनाव नजदीक हों, तब प्रदेश नेतृत्व को संयम और संतुलन के साथ बोलना चाहिए। लेकिन इसके उलट बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
अखिलेश यादव का मुंबई दौरा क्यों हुआ रद्द

इन सभी घटनाओं के बीच अब खबर सामने आई है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बीएमसी चुनाव प्रचार के लिए प्रस्तावित मुंबई दौरा रद्द कर दिया गया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में दौरे को टालना बेहतर समझा गया। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया गया, लेकिन पार्टी सूत्र मानते हैं कि आंतरिक कलह इसकी बड़ी वजह है।
अखिलेश यादव का यह दौरा महाराष्ट्र में पार्टी को नई ऊर्जा देने और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए अहम माना जा रहा था। दौरा रद्द होना सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव के बाद हो सकता है फैसला
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अबू आज़मी और रईस शेख के बीच चल रहे इस विवाद पर चुनाव नतीजों के बाद कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है। सपा नेतृत्व फिलहाल यह नहीं चाहता कि आंतरिक विवाद चुनावी माहौल को और नुकसान पहुंचाए। इसलिए मामले को फिलहाल टालने की रणनीति अपनाई जा रही है।
मुंबई और भिवंडी में सपा की स्थिति
समाजवादी पार्टी की ताकत महाराष्ट्र में सीमित इलाकों तक मानी जाती है। खासकर मुंबई की कुछ सीटों और भिवंडी जैसे क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव रहा है। पिछले बीएमसी चुनाव में सपा के कुल सात नगरसेवक चुने गए थे। इनमें एक भायखला से और छह गोवंडी इलाके से जीतकर आए थे। यह प्रदर्शन सपा के लिए सम्मानजनक माना गया था।
रईस शेख का राजनीतिक आधार
रईस शेख खुद भायखला वार्ड से नगरसेवक रह चुके हैं। इस क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस बार उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए टिकट की मांग की थी। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद शेख ने अपने करीबी वकार को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वा दिया।
सपा के लिए क्यों अहम है यह चुनाव
बीएमसी चुनाव 2026 सिर्फ मुंबई की राजनीति तक सीमित नहीं है। यह चुनाव महाराष्ट्र की दिशा और विपक्षी दलों की ताकत को भी तय करता है। सपा के लिए यह मौका था कि वह महाराष्ट्र में अपनी खोई हुई जमीन को फिर से मजबूत करे। लेकिन आंतरिक कलह ने पार्टी की रणनीति को कमजोर कर दिया है।











