आगरा में स्ट्रीट लाइट पोल से हो रही थी बिजली चोरी, नगर निगम ने काटे अवैध कनेक्शन

आगरा में स्ट्रीट लाइट पोल के स्विच बॉक्स से बिजली चोरी का खुलासा हुआ। नगर निगम ने एक दर्जन से अधिक अवैध कनेक्शन काटकर केबिल जब्त की और कार्रवाई शुरू की।

आगरा में नगर निगम की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से बिजली चोरी का मामला सामने आया है। संयुक्त अभियान में एक दर्जन से अधिक अवैध कनेक्शन काटे गए और केबिल जब्त की गई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टोरेंट पावर को पत्र भेजा गया है।

आगरा: शहर में बिजली चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां कुछ लोगों ने नगर निगम के स्ट्रीट लाइट पोलों पर लगे स्विच बॉक्स से सीधे बिजली लेकर घरों, दुकानों और खोखों तक सप्लाई पहुंचा दी। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के विद्युत विभाग और टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई अवैध कनेक्शन काट दिए और संबंधित केबिल जब्त कर ली।

स्ट्रीट लाइट के स्विच बॉक्स से हो रही थी बिजली चोरी

आगरा में नगर निगम की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था का दुरुपयोग कर बिजली चोरी किए जाने का मामला उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने स्ट्रीट लाइट पोलों पर लगे स्विच बॉक्स से सीधे तार जोड़कर बिजली की आपूर्ति अपने निजी उपयोग के लिए शुरू कर रखी थी।

आगरा में स्ट्रीट लाइट पोल से हो रही थी बिजली चोरी, नगर निगम ने काटे अवैध कनेक्शन

यह बिजली घरों, दुकानों और सड़क किनारे बने खोखों तक पहुंचाई जा रही थी। मामले की सूचना मिलने के बाद नगर निगम के विद्युत विभाग और टास्क फोर्स टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की।

संयुक्त अभियान में पकड़े गए अवैध कनेक्शन

टीम ने देवरी रोड और कोटली बगीची क्षेत्र में अभियान चलाकर मौके पर जांच की। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट के स्विच बॉक्स से अवैध रूप से तार जोड़कर बिजली का उपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।

अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक अवैध कनेक्शन काट दिए। साथ ही बिजली चोरी में इस्तेमाल की जा रही केबिल और अन्य सामग्री को भी जब्त कर लिया गया।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराई गई बिजली का निजी उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी है और इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है।

घरों और दुकानों तक पहुंच रही थी अवैध सप्लाई

जांच के दौरान यह भी पता चला कि चोरी की गई बिजली का उपयोग केवल अस्थायी रूप से नहीं, बल्कि नियमित रूप से किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट पोलों से निकाले गए तार सीधे घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक ले जाए गए थे।

अधिकारियों के अनुसार यह तरीका न केवल बिजली चोरी का मामला है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है। खुले तार और अनधिकृत कनेक्शन किसी भी समय दुर्घटना या आग लगने का कारण बन सकते हैं।

टोरेंट पावर को भेजा गया पत्र

मुख्य अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिक) अजय कुमार राम ने बताया कि अभियान के दौरान पकड़े गए सभी मामलों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए टोरेंट पावर को पत्र भेजा गया है।

अब विजिलेंस और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की जांच करेंगी। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।

अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की बिजली चोरी या अवैध कनेक्शन की जानकारी प्रशासन को दें। नगर निगम का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a comment