आगरा: ताजनगरी में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में उमस काफी बढ़ गई है। दिन चढ़ने के साथ लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट परेशान कर रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को शाम तक आगरा में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
सुबह से बादलों की मौजूदगी ने लोगों को तेज धूप से राहत जरूर दी, लेकिन हवा में नमी अधिक होने के कारण गर्मी का असर कम महसूस नहीं हुआ। कई इलाकों में लोगों को घरों और दुकानों के अंदर भी उमस से परेशानी होती रही। बाहर निकलने वाले लोगों ने भी चिपचिपी गर्मी की शिकायत की।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादल छाए रहने और वातावरण में नमी बनी रहने के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। अगर दोपहर बाद बादलों का प्रभाव बढ़ता है तो शाम तक शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
हालांकि बारिश पूरे शहर में एक समान हो, यह जरूरी नहीं है। मानसून के दौरान आगरा में कई बार ऐसा मौसम देखने को मिलता है, जब एक इलाके में बारिश होती है जबकि कुछ किलोमीटर दूर दूसरे हिस्से में केवल बादल छाए रहते हैं। इसलिए शहरवासियों को स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती है।
पिछले कुछ दिनों से आगरा में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। बादलों के बावजूद अधिकतम तापमान 35°C के आसपास रहने से दिन में गर्मी महसूस हो रही है। रात में भी हवा में नमी के कारण राहत सीमित है। उमस की वजह से वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है।
बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है। इससे दिन के समय गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश के बाद नमी बढ़ने पर कुछ समय के लिए उमस फिर परेशान कर सकती है। ऐसे मौसम में तापमान का उतार-चढ़ाव लगातार बना रहता है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक आगरा में इसी तरह बादल, उमस और बारिश का दौर जारी रह सकता है। किसी दिन हल्की बारिश तो किसी दिन तेज बौछारें पड़ने की संभावना हो सकती है। मानसूनी गतिविधियों के कारण मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना फिलहाल कम है।
शहर में उमस का असर रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को पसीना और चिपचिपाहट परेशान कर रही है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है। हालांकि बादलों के कारण धूप की तीव्रता कम रहने से तेज गर्मी से कुछ राहत जरूर है।
बारिश की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश की स्थिति में सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है। पानी जमा होने वाले इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। खासकर निचले इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका रहती है।
ताजनगरी में पर्यटन गतिविधियां भी मौसम से प्रभावित हो सकती हैं। बादल और बारिश के कारण पर्यटकों को धूप से राहत मिलती है, लेकिन अचानक तेज बारिश होने पर खुले स्थानों पर घूमने वालों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में मौसम को देखते हुए यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
बारिश के बाद शहर के तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि हवा में नमी बढ़ने के कारण बारिश के कुछ घंटे बाद फिर उमस महसूस हो सकती है। यही वजह है कि मानसून के दौरान तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद लोगों को गर्मी परेशान करती रहती है।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी उमस भरा मौसम सावधानी मांगता है। शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। बाहर काम करने वाले लोगों को पर्याप्त पानी पीते रहना चाहिए और बहुत ज्यादा देर तक सीधे गर्म और नम वातावरण में रहने से बचना चाहिए।
वहीं बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना भी रहती है। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना जरूरी है। कूलर, गमले, छत और अन्य स्थानों पर जमा पानी को समय-समय पर साफ करना चाहिए।
फिलहाल आगरा में लोगों की नजर शाम के मौसम पर है। सुबह से छाए बादलों के बाद अब बारिश का इंतजार किया जा रहा है। अगर शाम को अच्छी बारिश होती है तो उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है और तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
आने वाले पांच दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बने रहने का अनुमान है। यानी आगरा में बादल और उमस के साथ बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रह सकता है। शहरवासियों को तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने और मौसम संबंधी स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।












