संभल पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के अंतरराज्यीय बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक साल से अधिक चली कार्रवाई में 74 आरोपित गिरफ्तार हुए और गैंगस्टर एक्ट के तहत 11.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।
संभल: एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में संभल पुलिस ने फर्जी बीमा क्लेम के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 17 जनवरी 2025 से शुरू हुए अभियान में अब तक 74 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में घोटाले की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान सामने आया है, जबकि गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 11.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी से शुरू हुई कार्रवाई
संभल पुलिस की यह कार्रवाई 17 जनवरी 2025 को रजपुरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान ओंकारेश्वर मिश्रा की गिरफ्तारी से शुरू हुई। उसके पास से 11 लाख रुपये से अधिक की नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।

इसके बाद 18 जनवरी से जांच का दायरा बढ़ाया गया। पूछताछ और जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी बीमा क्लेम के जरिए बड़ी रकम हासिल करने के लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
मृत और मरणासन्न लोगों के नाम पर कराते थे बीमा
पुलिस की जांच के अनुसार गिरोह मरणासन्न और मृत लोगों के नाम पर बीमा कराता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे। कथित हादसे की कहानी बनाकर बीमा कंपनियों से क्लेम हासिल करने का प्रयास किया जाता था।
जांच आगे बढ़ने पर 51 लाख और 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हासिल करने के लिए हत्या कर उसे हादसा दिखाने के मामले भी सामने आए। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
12 राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच में गिरोह के नेटवर्क के तार 12 राज्यों तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने बैंक, बीमा कंपनियों, जनसेवा केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की।
इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों और ग्राम स्तर के कुछ कर्मचारियों की कथित संलिप्तता की भी जांच की गई। पुलिस ने वाराणसी, नोएडा समेत कई स्थानों पर दबिश देकर गिरोह से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया।
अप्रैल 2025 तक 14 मुकदमों में 26 आरोपित सामने आ चुके थे। इसके बाद मई 2025 में कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया गया। पुलिस ने मामले से संबंधित जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देने की प्रक्रिया भी शुरू की।
74 आरोपित गिरफ्तार, 11.89 करोड़ की संपत्ति कुर्क
जांच के दौरान घोटाले की कुल रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान सामने आया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ाया गया।
अगस्त 2025 तक 68 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि मई 2026 तक गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर 74 हो गई।
पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई गई।
58 बीमा कंपनियों के साथ समन्वय
फर्जी बीमा क्लेम के मामलों की रोकथाम के लिए पुलिस ने 58 बीमा कंपनियों के साथ समन्वय किया। भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एक एसओपी तैयार करने पर भी काम किया गया।
इस अंतरराज्यीय बीमा गिरोह के पर्दाफाश में विशेष भूमिका के लिए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक के लिए चुना गया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने फर्जी बीमा क्लेम के जरिए चल रहे बड़े नेटवर्क की परतें खोली हैं।













