भारत सरकार ने 20 फरवरी से AI और सिंथेटिक कंटेंट के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड फोटो, वीडियो या ऑडियो पोस्ट करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर IPC, IT Act और POCSO Act के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह कदम डिजिटल सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
AI Content Regulations in India: भारत सरकार ने 20 फरवरी 2026 से AI और सिंथेटिक कंटेंट के नियम लागू कर दिए हैं। अब कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड फोटो, वीडियो या ऑडियो साझा करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा। नए दिशानिर्देश Information Technology (Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में संशोधन के तहत आए हैं, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़े और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित हो। उल्लंघन करने वालों पर IPC, IT Act 2000 और POCSO Act 2012 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
SGI और कानूनी जिम्मेदारी
सिंथेटिक कंटेंट (SGI) में कोई भी ऐसा फोटो, वीडियो या ऑडियो शामिल है जो AI या कंप्यूटर तकनीक से असली व्यक्ति, स्थान या घटना जैसा दिखाया गया हो। ऐसे कंटेंट को पोस्ट करने से पहले स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना जरूरी है।
सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को यह निर्देश भी दिया है कि वे हर तीन महीने में यूजर्स को चेतावनी दें कि AI का गलत इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सामान्य फोटो एडिटिंग या बेसिक फिल्टर वाले कंटेंट पर यह नियम लागू नहीं होंगे।
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सख्त प्रतिबंध और त्वरित कार्रवाई
बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री, फर्जी दस्तावेज, हथियार या गोला-बारूद से जुड़ा अवैध कंटेंट और डीपफेक वीडियो पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। किसी भी AI कंटेंट को हटाने का निर्देश मिलने पर प्लेटफॉर्म को तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। बच्चों से जुड़ी सामग्री पर 12 घंटे के अंदर रेस्पॉन्स देना अनिवार्य है।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करती है तो IPC, IT Act 2000 और POCSO Act 2012 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।








