बेकाबू वैन तालाब में पलटी, 4 की दर्दनाक मौत: तेरहवीं से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर

कानपुर में भीषण सड़क हादसा। औरैया में तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रही वैन तालाब में पलट गई। मां-बाप, बेटी और नाती की मौत, पुलिस जांच जारी।
बेकाबू वैन तालाब में पलटी, 4 की दर्दनाक मौत: तेरहवीं से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर
Photo Credit / Attribution: google

कानपुर। औरैया से तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर कानपुर लौट रहे एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनकी वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तालाब में जा पलटी। हादसा इतना भीषण था कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में बुजुर्ग दंपति, उनकी बेटी और नाती शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा छा गया।

जानकारी के मुताबिक परिवार अपने एक करीबी रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए औरैया गया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी सदस्य देर शाम वैन से कानपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में एक ग्रामीण मार्ग से गुजरते समय अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैन तेज रफ्तार में थी और चालक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते वाहन सड़क से उतरकर सीधे तालाब में जा गिरा।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तेज आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। तालाब में डूबी वैन को देखकर लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ग्रामीण पानी में उतर गए और वाहन के दरवाजे खोलने की कोशिश करने लगे। इसी बीच पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई।

स्थानीय लोगों की मदद से वैन को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक चार लोगों की सांसें थम चुकी थीं। बताया जा रहा है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी में डूबने के कारण दम घुटने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन और परिचित मौके पर पहुंच गए। रोते-बिलखते परिजनों का हाल देख हर कोई भावुक हो उठा। जिस परिवार ने कुछ ही दिन पहले किसी अपने को खोया था और तेरहवीं में शामिल हुआ था, उसी परिवार के चार सदस्य एक और त्रासदी का शिकार हो गए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के अभाव को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि वाहन की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चालक को झपकी तो नहीं आई या किसी अन्य कारण से वाहन अनियंत्रित हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सड़क के किनारे न तो मजबूत रेलिंग है और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेत लगे हैं। बारिश या अंधेरे के समय यहां दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। साथ ही घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। तेज रफ्तार, लापरवाही और अपर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किस तरह एक पूरे परिवार को खत्म कर सकते हैं, यह घटना उसका दुखद उदाहरण बन गई है। कानपुर और आसपास के इलाके में इस त्रासदी को लेकर गहरा शोक व्याप्त है और लोग मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

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