AIFF AGM 2025: 12 अक्तूबर को होगी एआईएफएफ की विशेष आम बैठक, संविधान का मसौदा और संशोधन होंगे पारित

AIFF AGM 2025 की विशेष आम बैठक 12 अक्तूबर को आयोजित होगी। जानें इसमें क्या होंगे मुख्य मसौदे, संविधान संशोधन और फुटबॉल प्रशासन में संभावित बदलाव

भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा दिन जल्द ही आने वाला है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने घोषणा की है कि उसकी विशेष आम बैठक (SGM) 12 अक्तूबर 2024 को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की जाएगी। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप अपने संविधान के मसौदे और अन्य आवश्यक संशोधनों को पारित करने के लिए 12 अक्तूबर को एक विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलाई है। फीफा, जो विश्व फुटबॉल का संचालन करती है, ने एआईएफएफ के लिए नया संविधान अपनाने की अंतिम समय सीमा 30 अक्तूबर तक निर्धारित की है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

19 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एआईएफएफ के संविधान के मसौदे को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि फुटबॉल संस्था को इसे चार सप्ताह के भीतर अपनाना होगा। इसी निर्देश का पालन करते हुए एआईएफएफ ने अपनी विशेष आम बैठक बुलाई है। एआईएफएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा, यह बैठक केवल एक ही उद्देश्य के लिए बुलाई गई है और वह है संविधान को अपनाना। इसमें कोई अन्य एजेंडा शामिल नहीं होगा।

फीफा की डेडलाइन

विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा (FIFA) ने भी एआईएफएफ को नया संविधान अपनाने के लिए 30 अक्तूबर 2024 तक की समय सीमा तय की है। यह समय सीमा बेहद अहम है क्योंकि भारतीय फुटबॉल पहले भी फीफा के हस्तक्षेप और अस्थायी निलंबन का सामना कर चुका है। फीफा ने स्पष्ट किया है कि नए संविधान को समय पर लागू करना भारतीय फुटबॉल के प्रशासन और भविष्य के लिए जरूरी है

एआईएफएफ का नया संविधान भारतीय फुटबॉल के ढांचे, चुनावी प्रक्रिया, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगा। सुप्रीम कोर्ट और फीफा दोनों ने लंबे समय से भारतीय फुटबॉल प्रशासन में सुधार की मांग की थी। नए संविधान में निम्नलिखित पहलुओं पर जोर दिया गया है:

  • पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया – अधिकारियों और पदाधिकारियों का चयन लोकतांत्रिक और निष्पक्ष तरीके से हो।
  • राज्य संघों की भूमिका – राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के फुटबॉल संघों की भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित करना।
  • पूर्व खिलाड़ियों की भागीदारी – निर्णय लेने की प्रक्रिया में भारतीय फुटबॉलरों की उचित हिस्सेदारी हो।
  • प्रशासनिक जवाबदेही – वित्तीय और नीतिगत मामलों में स्पष्ट और जिम्मेदाराना व्यवस्था।

यह विशेष आम बैठक (SGM) भारतीय फुटबॉल प्रशासन के भविष्य को दिशा देगी। अगर 12 अक्तूबर को मसौदा और संशोधन पास हो जाते हैं, तो एआईएफएफ फीफा द्वारा तय की गई 30 अक्तूबर की डेडलाइन को भी पूरा कर देगा।

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