भारत और दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (ASEAN) के बीच संयुक्त ‘ASEAN-भारत समुद्री अभ्यास’ (AIME-2026) का दूसरा संस्करण 28 सितंबर 2026 को फिलीपींस के सुबिक बे में शुरू हुआ।
नई दिल्ली: फिलीपींस के सुबिक बे में भारत और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने वाले ASEAN-India Maritime Exercise (AIME-2026) के दूसरे संस्करण की शुरुआत हो गई है। 28 सितंबर 2026 से शुरू हुए इस बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सह्याद्रि और INS कुलिश ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य भारत और ASEAN सदस्य देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग, आपसी समन्वय और परिचालन क्षमता को मजबूत करना है।
AIME-2026 को भारत और ASEAN देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच इस तरह के संयुक्त अभ्यास से भाग लेने वाली नौसेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने और साझा अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल विकसित करने का अवसर मिलता है।
सुबिक बे में जुटीं कई नौसेनाएं
फिलीपींस के सुबिक बे में आयोजित इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के दो प्रमुख युद्धपोतों ने हिस्सा लिया। INS सह्याद्रि और INS कुलिश भारतीय नौसेना की समुद्री परिचालन क्षमता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनके साथ ASEAN के सदस्य देशों की नौसेनाओं और उनके युद्धपोतों ने भी अभ्यास में भाग लिया।अभ्यास के दौरान विभिन्न पेशेवर और परिचालन गतिविधियों के जरिए भाग लेने वाले देशों के नौसैनिक एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं। इसका मकसद भविष्य में समुद्र में संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और बेहतर बनाना है।
'Anchored in Trust, United at Sea' है थीम

AIME-2026 की थीम 'Anchored in Trust, United at Sea' यानी 'विश्वास में अटूट, समुद्र में एकजुट' रखी गई है। यह थीम भारत और ASEAN देशों के बीच समुद्री सहयोग में विश्वास और साझेदारी के महत्व को दर्शाती है। अभ्यास का कार्यक्रम केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं है। इसमें पेशेवर चर्चाएं, संयुक्त परिचालन गतिविधियां और सामाजिक कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के नौसैनिकों के बीच बेहतर संपर्क और आपसी समझ विकसित करना है।
समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर जोर
भारत और ASEAN देशों के लिए समुद्री क्षेत्र रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापारिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा, समुद्री यातायात और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों के कारण नौसेनाओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत लगातार बढ़ रही है। AIME-2026 इसी दिशा में सहयोग का एक मंच प्रदान करता है।
संयुक्त अभ्यास के जरिए विभिन्न नौसेनाएं संचार, संचालन और समुद्री गतिविधियों में समन्वय को बेहतर करने का अनुभव हासिल करती हैं। इससे आपदा राहत, मानवीय सहायता और अन्य समुद्री परिस्थितियों में भी साझा प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
भारत-ASEAN रक्षा संबंधों में अहम कड़ी
भारत और ASEAN के बीच संबंधों में समुद्री सहयोग लगातार एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। AIME जैसे अभ्यास दोनों पक्षों की नौसेनाओं को नियमित रूप से साथ काम करने और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं। AIME-2026 का दूसरा संस्करण ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। सुबिक बे में भारतीय युद्धपोतों की भागीदारी भारत की ASEAN देशों के साथ समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।











