अलीगढ़ के छर्रा कस्बे में अतरौली रोड स्थित स्काई ब्ल्यू ओयो होटल में पुलिस की छापेमारी के बाद कथित अनैतिक देह व्यापार का मामला सामने आया है। पुलिस ने होटल संचालक समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, होटल में युवतियों को रुपये का लालच देकर इस गतिविधि में शामिल कराने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, होटल का गेस्ट एंट्री रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर समेत अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
मामला छर्रा थाना क्षेत्र में अतरौली रोड स्थित गुप्ता मोड़ के पास बने स्काई ब्ल्यू ओयो होटल का है। पुलिस को होटल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद नायब तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी छर्रा गर्वित सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कई कमरों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक छह कमरों में छह युवतियां और छह युवक मिले, जबकि एक अन्य कमरे में एक युवती किसी युवक के आने का इंतजार करती हुई मिली। इस कार्रवाई में होटल संचालक को भी हिरासत में लिया गया था।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में कुल सात युवतियों और छह युवकों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच और पूछताछ के आधार पर सात लोगों को आरोपित बनाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में शाह आलम निवासी बाइकला, रंजीत सिंह बघेल निवासी नगौरा, प्रकाश निवासी जरगवा, बुलंदशहर, लक्ष्मीकांत राजपूत निवासी राजमार्गपुर, होटल संचालक योगेंद्र राजपूत, आकाश राजपूत निवासी बरौली और प्रदीप निवासी मोहम्मदपुर नाहर, बुलंदशहर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, होटल में कमरे घंटे के हिसाब से उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। क्षेत्राधिकारी छर्रा के मुताबिक युवकों से करीब एक से डेढ़ घंटे के लिए 700 रुपये लेकर कमरा उपलब्ध कराने का आरोप है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि होटल में आने वाले लोगों और वहां मौजूद युवतियों के बीच संपर्क किस माध्यम से कराया जाता था और इस गतिविधि में होटल संचालक के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7,560 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, 11 आधार कार्ड, होटल का गेस्ट एंट्री रजिस्टर और होटल में लगे कैमरों की डीवीआर भी पुलिस ने कब्जे में ली है। इन सामानों को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मोबाइल फोन और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पुलिस को होटल में आने-जाने वाले लोगों तथा आरोपितों के बीच संपर्क से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। गेस्ट एंट्री रजिस्टर से भी यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि किन लोगों ने होटल में कमरे बुक किए थे।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आरोप सामने आया कि कुछ युवतियों को रुपये का लालच देकर अनैतिक गतिविधि में धकेला जा रहा था। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और इस संबंध में सामने आए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगा। मौके से मिली सात युवतियों को पुलिस ने पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया है। उनकी उम्र का सत्यापन भी कराया जा रहा है।
होटल में पुलिस कार्रवाई के दौरान कमरे घंटे के आधार पर बुक होने की जानकारी भी जांच का हिस्सा बनी है। पुलिस यह देख रही है कि होटल में आने वाले ग्राहकों की एंट्री कैसे की जाती थी, कमरे किस आधार पर दिए जाते थे और क्या बुकिंग के दौरान किसी तरह के नियमों का उल्लंघन किया गया। ओयो के माध्यम से कमरा बुक करने वाले ग्राहकों की जानकारी भी मामले की जांच में उपयोगी हो सकती है। इससे पुलिस को होटल की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिल सकती है।
छापेमारी के बाद होटल को सील कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में होटल संचालक को हिरासत में लिए जाने के बाद परिसर की भी जांच की गई। सीसीटीवी डीवीआर को कब्जे में लेने का उद्देश्य होटल में हुई गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जांच करना भी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि होटल में पिछले दिनों किन लोगों की आवाजाही रही और क्या इस तरह की गतिविधियां पहले भी संचालित की जा रही थीं।
इस मामले में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। अब जांच का अगला चरण आरोपितों की भूमिका और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर केंद्रित है। क्षेत्राधिकारी के अनुसार, अभी यह पता लगाया जा रहा है कि इस गतिविधि में होटल के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति, दलाल या अन्य माध्यम शामिल था या नहीं। यदि जांच में अतिरिक्त लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के कब्जे में लिए गए मोबाइल फोन इस जांच में अहम हो सकते हैं। इनके माध्यम से कॉल डिटेल, संपर्क सूची, मैसेज और अन्य उपलब्ध डिजिटल जानकारी की जांच की जा सकती है। इसी तरह होटल की डीवीआर से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि किस समय कौन व्यक्ति होटल में आया और किस कमरे में गया। हालांकि डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच के बाद ही सामने आएगी।
गेस्ट एंट्री रजिस्टर भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। होटल में आने वाले ग्राहकों की जानकारी, कमरे की बुकिंग का समय और ठहरने की अवधि को रजिस्टर से मिलाया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति ने बार-बार होटल में कमरे लिए हैं तो उसकी गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। इस तरह पुलिस छापेमारी के दौरान मिले सामान और दस्तावेजों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ी तैयार करने में जुटी है।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस ने होटल से पकड़ी गई सभी युवतियों को आरोपित नहीं बनाया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सात युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है, जबकि सात अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में मौके पर मिले सभी लोगों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर जांची है। आगे की विवेचना में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
अलीगढ़ में होटल और स्पा सेंटरों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ हाल के महीनों में पुलिस कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी शहर में स्पा सेंटर की आड़ में कथित देह व्यापार के मामलों में कार्रवाई हुई है। सितंबर में ही एक पुराने मामले में पुलिस ने फरार स्पा सेंटर संचालक को बरेली से गिरफ्तार किया था। हालांकि स्काई ब्ल्यू होटल का मामला अलग है और इसकी जांच अलग मुकदमे के तहत की जा रही है।
स्काई ब्ल्यू होटल की ताजा कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। छर्रा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद होटल को सील कर दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि होटल में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आरोपितों की वास्तविक भूमिका क्या थी और कथित गतिविधि का दायरा कितना बड़ा था।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद होटल संचालक समेत सात आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बरामद नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, गेस्ट रजिस्टर और सीसीटीवी डीवीआर को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। वहीं, मौके से मिली युवतियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस पूरे मामले में यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी आरोपित को अदालत में दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, होटल के रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ रही है। आने वाले दिनों में जांच से यह साफ हो सकता है कि होटल में कथित गतिविधि किस स्तर तक संचालित थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।











