प्रयागराज के चकिया इलाके में अब उस जमीन पर आधुनिक आवासीय परिसर विकसित होने जा रहा है, जो लंबे समय तक माफिया अतीक अहमद के पुश्तैनी मकान और उससे जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रही। प्रयागराज विकास प्राधिकरण यानी PDA ने यहां मध्यम आय वर्ग और आम लोगों के लिए ग्रुप हाउसिंग योजना तैयार की है। परियोजना का नाम पद्मलोक आवास योजना रखा गया है। इसके तहत सैकड़ों परिवारों को किफायती दर पर अपना घर उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी RERA में भी पंजीकृत किया जा चुका है। RERA के रिकॉर्ड के मुताबिक पद्मलोक आवास योजना प्रयागराज की परियोजना का पंजीकरण 22 अगस्त 2026 को हुआ है और इसका स्थान कसारी-मसारी क्षेत्र में दर्ज है।
पीडीए की योजना के मुताबिक चकिया में प्रस्तावित इस ग्रुप हाउसिंग परियोजना में 602 टू-बीएचके फ्लैट तैयार किए जाएंगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार एक फ्लैट की कीमत करीब 25 लाख रुपये रखी गई है। इस हिसाब से पूरी परियोजना के फ्लैटों की अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। परियोजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है, जो शहर में अपना घर खरीदना चाहते हैं लेकिन निजी बिल्डरों की महंगी आवासीय योजनाओं में फ्लैट खरीदना उनके लिए मुश्किल होता है।
यह परियोजना इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसका निर्माण चकिया स्थित अतीक अहमद के पुराने पुश्तैनी मकान के बेहद करीब किया जा रहा है। अतीक के नाम और उसके परिवार से जुड़े विवादों के कारण चकिया लंबे समय तक प्रयागराज की अपराध और राजनीति से जुड़ी खबरों में रहा है। अब उसी इलाके में PDA की नियोजित आवासीय परियोजना विकसित होने से क्षेत्र की पहचान को एक अलग दिशा देने की कोशिश के तौर पर इसे देखा जा रहा है। हालांकि परियोजना का आधिकारिक उद्देश्य किसी व्यक्ति या परिवार की संपत्ति से जुड़ा नहीं, बल्कि आवासीय विकास और लोगों को फ्लैट उपलब्ध कराना है।
PDA के मुताबिक परियोजना के लिए कसारी-मसारी आवास योजना के तहत जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले इसी क्षेत्र में करीब 9 हजार वर्ग मीटर PDA की जमीन पर अवैध कब्जे की बात सामने आई थी। बाद में प्राधिकरण ने जमीन को अपने कब्जे में लेकर वहां ग्रुप हाउसिंग विकसित करने की योजना बनाई। जुलाई में सामने आई जानकारी के मुताबिक उस समय करीब 700 टू-बीएचके फ्लैट बनाने की योजना बताई गई थी, लेकिन बाद में RERA में दर्ज परियोजना में 602 फ्लैटों का विवरण सामने आया है।
RERA के आधिकारिक रिकॉर्ड में परियोजना का नाम Padma Lok Awas Yojana Prayagraj दर्ज है। परियोजना का प्रमोटर प्रयागराज विकास प्राधिकरण है और इसे नई परियोजना के रूप में पंजीकृत किया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार परियोजना की प्रस्तावित शुरुआत 1 अगस्त 2026 से मानी गई है, जबकि घोषित पूरा होने की तारीख 16 जुलाई 2031 दर्ज है। यानी RERA रिकॉर्ड में परियोजना के लिए लंबी समयसीमा दर्ज है, जबकि PDA की सार्वजनिक घोषणाओं में निर्माण को करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था।
इस आवासीय परिसर में सिर्फ फ्लैट ही नहीं होंगे, बल्कि बड़ी संख्या में परिवारों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पहले जारी जानकारी के अनुसार बहुमंजिला इमारत में आठ लिफ्ट लगाने की योजना है। इसके साथ वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। बड़ी संख्या में परिवारों के एक ही परिसर में रहने को देखते हुए बिजली, पानी, सीवर, कूड़ा निस्तारण और आवागमन जैसी सुविधाओं की योजना भी परियोजना के हिस्से के तौर पर तैयार की गई है। RERA रिकॉर्ड में भी परियोजना के लिए बिजली आपूर्ति, जल आपूर्ति और कचरा निस्तारण से जुड़े दस्तावेज अपलोड किए जाने का उल्लेख है।
602 टू-बीएचके फ्लैटों की कीमत करीब 25 लाख रुपये रखे जाने से यह परियोजना उन मध्यम आय वर्गीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो प्रयागराज में अपेक्षाकृत कम कीमत पर घर तलाश रहे हैं। जुलाई की योजना में रजिस्ट्रेशन के समय फ्लैट की कीमत का 10 प्रतिशत यानी करीब 2.50 लाख रुपये जमा कराने की व्यवस्था की बात सामने आई थी। हालांकि अंतिम बुकिंग, भुगतान और आवंटन की शर्तें PDA की ओर से जारी आधिकारिक योजना और आवेदन प्रक्रिया के अनुसार ही तय होंगी।
फ्लैटों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किए जाने की बात पहले PDA की ओर से बताई गई थी। इसका मतलब यह है कि पात्र आवेदकों के बीच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फ्लैटों का चयन किया जाएगा। इस तरह योजना में सीधे तौर पर किसी एक व्यक्ति को मनमाने तरीके से फ्लैट देने के बजाय निर्धारित आवेदन और आवंटन प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है। रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा, आवेदन की पात्रता क्या होगी, आय सीमा कितनी होगी और फ्लैट किस-किस श्रेणी के लोगों के लिए उपलब्ध होंगे, इसकी अंतिम जानकारी PDA की ओर से जारी विज्ञापन में स्पष्ट होगी।
परियोजना की मंजूरी के लिए RERA पंजीकरण एक महत्वपूर्ण चरण है। आधिकारिक RERA रिकॉर्ड के अनुसार परियोजना संख्या UPRERAPRJ197232/08/2026 है। इसमें परियोजना का पता कसारी-मसारी, तहसील सदर, प्रयागराज दर्ज है। प्रमोटर के रूप में प्रयागराज विकास प्राधिकरण का नाम दर्ज है। रिकॉर्ड में परियोजना से संबंधित विकास कार्य योजना, बिजली और पानी की योजना, कचरा निस्तारण योजना, बिक्री समझौते और अन्य तकनीकी दस्तावेज भी सूचीबद्ध हैं।
चकिया में इस परियोजना के आने से इलाके के स्वरूप में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है। लंबे समय से यह क्षेत्र अनियोजित विकास, अवैध कब्जों और अतीक अहमद से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रहा है। अब PDA की ओर से नियोजित तरीके से बहुमंजिला आवासीय परिसर विकसित करने से इलाके में सड़क, पार्किंग, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं को व्यवस्थित करने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि इसका वास्तविक असर परियोजना पूरी होने और आसपास के बुनियादी ढांचे के विकास के बाद ही स्पष्ट होगा।
PDA के अधिकारियों के अनुसार आवासीय योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। पहले सितंबर में भूमि पूजन की तैयारी की जानकारी दी गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने और आगे फ्लैटों के लिए आवेदन प्रक्रिया लाए जाने की उम्मीद है। परियोजना की प्रगति के साथ निर्माण की समयसीमा, फ्लैटों की वास्तविक लागत और आवंटन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी सामने आएगी।
इस परियोजना की खास बात यह भी है कि यह केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विकास प्राधिकरण की जमीन के उपयोग का उदाहरण भी है। जिस क्षेत्र में पहले अवैध कब्जे का विवाद रहा, उसी जमीन को आवासीय योजना में बदलकर लोगों को फ्लैट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे सरकारी जमीन के नियोजित इस्तेमाल और शहर के विस्तार के बीच संबंध भी दिखाई देता है।
अतीक अहमद के पुश्तैनी मकान के पास बनने वाले इस अपार्टमेंट को लेकर इलाके में स्वाभाविक रूप से लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि परियोजना को लेकर चर्चा में अतीक का नाम प्रमुखता से आ रहा है, लेकिन PDA और RERA के दस्तावेज इसे एक सरकारी आवासीय परियोजना के रूप में दर्ज करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य 602 फ्लैटों के जरिए आवास उपलब्ध कराना और कसारी-मसारी क्षेत्र में नियोजित ग्रुप हाउसिंग विकसित करना है।
फिलहाल पद्मलोक आवास योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय समय में निर्माण पूरा करना, गुणवत्ता बनाए रखना और आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना होगी। RERA रिकॉर्ड में परियोजना की घोषित पूर्णता तारीख जुलाई 2031 दर्ज है, जबकि PDA की पहले की घोषणा में करीब तीन साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था। इसलिए आने वाले समय में निर्माण की वास्तविक गति पर नजर रहेगी।
कुल मिलाकर प्रयागराज के चकिया में अतीक अहमद के पुश्तैनी मकान के पास प्रस्तावित पद्मलोक अपार्टमेंट परियोजना के तहत 602 टू-बीएचके फ्लैट तैयार किए जाने हैं। करीब 25 लाख रुपये की कीमत वाले इन फ्लैटों को मध्यम आय वर्ग और आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना RERA में पंजीकृत हो चुकी है और PDA इसे कसारी-मसारी आवास योजना के तहत विकसित कर रहा है। आने वाले चरण में निर्माण, रजिस्ट्रेशन और लॉटरी से आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।











