अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में हुई गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच धार्मिक नफरत और हेट क्राइम के एंगल से कर रही है।
वाशिंगटन: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो शहर में स्थित एक प्रमुख मस्जिद में हुई गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सोमवार को हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध हमलावर शामिल हैं। स्थानीय पुलिस और संघीय एजेंसियां इस घटना की जांच धार्मिक नफरत यानी हेट क्राइम के एंगल से कर रही हैं।
यह हमला इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में हुआ, जिसे सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिदों में गिना जाता है। घटना के समय मस्जिद परिसर में धार्मिक और शैक्षणिक गतिविधियां चल रही थीं। परिसर में मौजूद स्कूल में बच्चों को अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है।
पुलिस ने क्या बताया
सैन डिएगो पुलिस विभाग के अनुसार, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 वर्ष जबकि दूसरे की 19 वर्ष बताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के शव मस्जिद के पास खड़े एक वाहन में मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि दोनों ने घटना के बाद खुद को गोली मार ली।
फिलहाल पुलिस ने मृतकों की पूरी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला पहले से योजनाबद्ध था या नहीं और इसके पीछे धार्मिक कट्टरता या नस्लीय नफरत की भूमिका थी या नहीं।
अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा तैनात की गई है।
बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों को बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए देखा गया। फुटेज में एक दर्जन से अधिक बच्चे हाथ पकड़कर मस्जिद परिसर से बाहर निकलते नजर आए।
कुछ तस्वीरों में पुलिस अधिकारी छोटे बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाते दिखाई दिए। घटना के बाद इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया और आसपास की सड़कों पर यातायात रोक दिया गया।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि समय रहते सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।

गैर-मुस्लिमों के लिए आयोजित था विशेष दौरा
मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि घटना वाले दिन मस्जिद में गैर-मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए विशेष दौरे का आयोजन किया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को इस्लाम और मुस्लिम समुदाय के बारे में जानकारी देना और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देना था।
उन्होंने कहा कि इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो लंबे समय से सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग के लिए काम करता रहा है। यहां केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सेवा और इंटरफेथ संवाद से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इमाम ने पुष्टि की कि स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र सुरक्षित हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से पूरे दिन के लिए मस्जिद और स्कूल को बंद रखा गया।
गवर्नर गेविन न्यूसम ने जताई संवेदना
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुस्लिम समुदाय को समर्थन का संदेश दिया।
उन्होंने कहा, “जहां परिवार और बच्चे शांति से इबादत करने और सीखने के लिए जुटते हैं, वहां इस तरह का हमला बेहद भयावह और अस्वीकार्य है। कैलिफोर्निया में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है।”
गवर्नर ने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल और गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हालात पर नजर रख रही हैं।
अमेरिका में बढ़ती गोलीबारी की घटनाएं
अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल के वर्षों में स्कूलों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और बाजारों में कई बड़े हमले सामने आए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आसान हथियार उपलब्धता, मानसिक स्वास्थ्य संकट और बढ़ती सामाजिक कट्टरता इन घटनाओं के पीछे प्रमुख कारण हैं।
हाल के कुछ बड़े मामलों में:
- अप्रैल 2026 में लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट में एक व्यक्ति ने आठ बच्चों की हत्या कर दी थी।
- फरवरी 2026 में रोड आइलैंड में एक हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई।
- जनवरी 2026 में मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोली से एक महिला की मौत हुई।
- नवंबर 2025 में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के दो जवानों पर हमला हुआ था।
- इन घटनाओं ने अमेरिका में गन कंट्रोल कानूनों को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
अमेरिका में गन कल्चर की जड़ें
अमेरिका में हथियार रखने का अधिकार संविधान के दूसरे संशोधन (Second Amendment) के तहत दिया गया है। 1791 में लागू इस कानून के अनुसार अमेरिकी नागरिकों को हथियार रखने और खरीदने की स्वतंत्रता प्राप्त है।
इतिहासकारों के अनुसार, जब अमेरिका में ब्रिटिश शासन था तब स्थायी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं थी। इसलिए लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का अधिकार दिया गया था।
हालांकि समय के साथ यह अधिकार अमेरिका की सामाजिक और राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन गया। आज अमेरिका में कई राज्यों में हथियार खरीदना बेहद आसान माना जाता है। आलोचक अक्सर कहते हैं कि वहां बंदूक खरीदना कई बार फल और सब्जियां खरीदने जितना सरल है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
सैन डिएगो मस्जिद पर हमला अमेरिका में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में चर्च, सिनेगॉग, गुरुद्वारों और मस्जिदों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि धार्मिक नफरत और ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार ऐसे हमलों को बढ़ावा दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने सरकार से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत करने और हेट क्राइम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।











