अमृतसर में AAP सरपंच जरमल सिंह की 4 जनवरी को गोली मारकर हत्या हुई। दो शूटर रायपुर में छिपे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर अमृतसर भेजा गया। गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने हत्या की जिम्मेदारी ली।
Chhattisgarh: पंजाब के तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के सरपंच जरमल सिंह की 4 जनवरी को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह एक शादी समारोह में मैरी गोल्ड रिसॉर्ट पहुंचे थे, जहां दो शूटरों ने उनके सिर पर फायर किया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस वारदात का CCTV फुटेज भी सामने आया। फुटेज में देखा गया कि दोनों शूटर बिना मुंह ढके धीरे-धीरे सरपंच के पास आते हैं। एक शूटर आगे बढ़ता है और दूसरा पीछे। दोनों ने अपने कपड़ों में छिपाकर पिस्टल निकाली और पीछे वाला शूटर सरपंच के सिर में गोली मार देता है।
जरमल सिंह पर इससे पहले भी तीन बार जानलेवा हमला हो चुका था।
शूटर रायपुर में छिपे थे
हत्या के बाद दोनों शूटर पंजाब से छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचे और अपने रिश्तेदारों के घर में छिप गए। तकनीकी इनपुट और लोकेशन ट्रेस के जरिए पंजाब पुलिस को पता चला कि आरोपी रायपुर के राजेंद्र नगर के ऋषभ अपार्टमेंट में हैं।

लोकेशन की पुष्टि के बाद पंजाब और रायपुर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान सुखराज और कर्मवीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर भेजा गया।
रायपुर पुलिस शूटरों के रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपी भी अब खोजे जा रहे हैं।
गैंगस्टरों ने हत्या की जिम्मेदारी ली
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने सरपंच की हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह वारदात मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में हुई और उन्होंने इसे अंजाम दिया।
डोनी बल ने लिखा कि सरपंच ने पहले पुलिस को 35 लाख रुपए दिए और दासुवाल के माध्यम से उनके घर का खुलवाया। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी दो बार हमला किया गया था, लेकिन सरपंच बच गए थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरपंच ने घरों से नाजायज तौर पर लड़के उठवाकर गोलियां मारीं, जो उनके साथ जुड़ी नहीं थीं।
पोस्ट में कई गैंगस्टर ग्रुप्स के नाम भी शामिल थे, जैसे दविंदर बंबीहा ग्रुप, गोपी घनश्याम पुरिया ग्रुप, कौशल चौधरी ग्रुप और शगनप्रीत, मनजोत, राणा कंदोवालिया।
सरपंच की राजनीतिक पृष्ठभूमि
सरपंच जरमल सिंह पहले अकाली दल से जुड़कर दो बार चुने गए थे और बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल होकर मौजूदा चुनाव में AAP के समर्थन से जीत हासिल की। उनकी हत्या ने इलाके में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए गैंग नेटवर्क, वारदात की साजिश और अन्य जुड़े व्यक्तियों की तलाश में जुटी है। प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और जांच तेज कर दी है, ताकि जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ा जा सके।










