अनंत अंबानी ने तिरुमला श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और मुंडन कराया। इस दौरान उन्होंने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करने की घोषणा की, साथ ही बसों के ड्राइवरों का खर्च भी रिलायंस उठाएगी।
तिरुपति: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने रविवार को आंध्र प्रदेश स्थित प्रसिद्ध तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने सुबह की पवित्र सुप्रभात सेवा में भाग लिया और भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह यात्रा पूरी तरह आध्यात्मिक और धार्मिक आस्था से जुड़ी रही, जहां अनंत अंबानी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की।
भगवान को अर्पित किए बाल, मंदिर में कराया मुंडन संस्कार
अपनी इस धार्मिक यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक परंपरा का पालन करते हुए मुंडन संस्कार भी कराया। उन्होंने अपने बाल भगवान वेंकटेश्वर को अर्पित किए, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
मंदिर के अंदर स्थित रंगनायकुला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने उन्हें पारंपरिक मंत्रोच्चार के साथ “वेद आशीर्वादम” प्रदान किया। इस दौरान मंदिर प्रशासन (TTD) की ओर से उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसादम भी भेंट किया गया। साथ ही पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया गया।
TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा दान, रिलायंस उठाएगी संचालन खर्च
इस धार्मिक अवसर को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए अनंत अंबानी ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करेगी, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 27.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह पहल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को और प्रभावी बनाने के लिए कंपनी ने एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज इन बसों के लिए आवश्यक 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य भत्तों का पूरा खर्च भी वहन करेगी।
![]()
EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा, चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे
इस परियोजना को दीर्घकालिक और टिकाऊ बनाने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज तिरुमला क्षेत्र में ईवी (Electric Vehicle) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग करेगी। इससे मंदिर आने वाले यात्रियों को स्वच्छ, सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
यह कदम न केवल धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
धार्मिक यात्रा और सामाजिक पहल का संगम
अनंत अंबानी की यह तिरुमला यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का संदेश भी जुड़ा रहा। इलेक्ट्रिक बसों का दान और संचालन खर्च उठाने की घोषणा को मंदिर प्रशासन ने एक बड़ी सहयोगात्मक पहल के रूप में देखा है।
तिरुमला मंदिर देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की परिवहन सुविधा मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन और यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाएगी।
श्रद्धा और आधुनिकता का अनोखा संयोजन
इस पूरे कार्यक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि किस तरह आधुनिक कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ मिलकर समाज के लिए उपयोगी बन सकती है।
अनंत अंबानी की यह पहल न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन को भी बढ़ावा देती है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से तिरुमला क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी।








