हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अपने राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए मामले पर भावुक प्रतिक्रिया भी दी।
अंबाला: राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विपक्ष के आरोपों पर अनिल विज का जवाब
पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर वही लोग सवाल उठा रहे हैं, जो पहले अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि मंदिर से जुड़े किसी मामले में अनियमितता हुई है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं। विज ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
राम मंदिर आंदोलन की याद कर हुए भावुक
अनिल विज ने बातचीत के दौरान राम मंदिर आंदोलन के समय के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने आंदोलन में भाग लिया, गिरफ्तारी दी और कई दिनों तक जेल में भी रहे। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिनका असर लंबे समय तक रहा और बाद में उनका ऑपरेशन भी कराना पड़ा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख होता है, क्योंकि इस आंदोलन से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं।
दोषियों को कानून के तहत सजा मिलने की बात
अनिल विज ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है तो उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय निष्पक्ष जांच पर भरोसा करना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे के जरिए सनातन पर कटाक्ष करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि सरकार का रुख स्पष्ट है और जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेंगी। उनके अनुसार, दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









