बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने वाराणसी में प्रवेश नहीं मिलने के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह काशी आएंगे तो उन्हें कोई नहीं रोक पाएगा। अनंत सिंह ने यह बात शनिवार को प्रयागराज में कही। वह अपने पुराने मित्र के परिवार में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान बीएचयू के छात्र नेता डॉ. सौरव राय से बातचीत में उन्होंने वाराणसी में काफिला रोके जाने का जिक्र किया। विधायक ने कहा कि इस बार वह काशी नहीं आ पाए, लेकिन अगली बार बुलाया जाएगा तो जरूर आएंगे।
दरअसल, अनंत सिंह शुक्रवार को पटना से प्रयागराज के लिए निकले थे। उनके साथ बड़ी संख्या में गाड़ियों का काफिला था। रास्ते में अलग-अलग जगहों पर समर्थक भी उनके काफिले में जुड़ते गए। इसके चलते वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई। जब उनका काफिला वाराणसी पहुंचा तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें शहर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। उस समय धनतेरस का पर्व होने के कारण शहर के बाजारों और प्रमुख सड़कों पर काफी भीड़ थी। पुलिस को आशंका थी कि इतने बड़े काफिले के प्रवेश से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अनंत सिंह का बीएचयू के सिंहद्वार पर पहुंचने का कार्यक्रम था। वहां महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की तैयारी की गई थी। उनके स्वागत के लिए समर्थक भी मौजूद थे। लेकिन वाराणसी पुलिस ने काफिले को डाफी क्षेत्र के पास रोक दिया। प्रशासन की ओर से उन्हें सीमित गाड़ियों के साथ आगे जाने का विकल्प दिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए समझाया कि पूरे काफिले को शहर के भीतर ले जाने से जाम की स्थिति बन सकती है।
हालांकि अनंत सिंह पूरे काफिले को छोड़कर कुछ गाड़ियों के साथ जाने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने वाराणसी में प्रवेश का कार्यक्रम रद्द कर दिया और प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। इस वजह से बीएचयू सिंहद्वार पर उनके स्वागत और माल्यार्पण का कार्यक्रम नहीं हो सका। वहां इंतजार कर रहे समर्थकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
प्रयागराज पहुंचने के बाद अनंत सिंह ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "इस बार नहीं आ पाए। अगली बार आएंगे, जब बुलाइएगा तब आएंगे। अब कोई नहीं रोक पाएगा।" उनके इस बयान को वाराणसी में काफिला रोके जाने के बाद प्रशासन के फैसले पर उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने अगली बार काशी आने की कोई निश्चित तारीख या कार्यक्रम नहीं बताया।
अनंत सिंह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के परिवार में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे थे। इस दौरान वह बीएचयू के छात्र नेता डॉ. सौरव राय से भी मिले। बताया गया कि रास्ते में चंदौली में उन्होंने भाजपा विधायक सुशील सिंह से मुलाकात की और अपनी छोटी बेटी शिवांगी की 25 नवंबर को होने वाली शादी का निमंत्रण भी दिया।
वाराणसी पुलिस की ओर से काफिले को रोकने के पीछे मुख्य वजह त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना बताई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर में पहले से ही भीड़ थी और बड़े काफिले के आने से जाम की स्थिति बन सकती थी। प्रशासन ने सीमित वाहनों के साथ आने की अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन अनंत सिंह पूरे काफिले के साथ ही आगे बढ़ना चाहते थे।
इस घटना के बाद अनंत सिंह का बयान चर्चा में है। एक तरफ वाराणसी पुलिस ने यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बड़े काफिले को शहर में प्रवेश देने से मना किया, वहीं विधायक ने अगली बार काशी आने पर किसी के नहीं रोक पाने की बात कही है।










