Anupama Parameswaran ने पुराने रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘मुझे अभिनेत्री और महिला होने पर शर्मिंदा महसूस कराया गया’

Anupama Parameswaran ने पुराने रिश्ते के दर्दनाक अनुभव साझा किए। एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें अभिनेत्री, आत्मविश्वासी महिला और पीरियड्स होने तक पर शर्मिंदा

अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। वह अपने पुराने रिश्ते और उससे जुड़े दर्दनाक अनुभवों के बारे में खुलकर बात कर रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि उस रिश्ते के दौरान उन्हें किन मुश्किलों और भावनात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: दक्षिण भारतीय फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में अपने एक पुराने रिश्ते और उससे जुड़े भावनात्मक अनुभवों पर खुलकर बात की है। अनुपमा ने बताया कि करीब दो साल तक चले इस रिश्ते ने उनके आत्मविश्वास, निजी फैसलों और पेशेवर जीवन पर गहरा असर डाला।

एक यूट्यूब बातचीत के दौरान अनुपमा परमेश्वरन ने अपने पूर्व पार्टनर के व्यवहार को लेकर कई कड़वे अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि रिश्ते के दौरान उन्हें कई बार उनकी उपलब्धियों और उनके पेशे को लेकर बुरा महसूस कराया गया। अभिनेत्री के मुताबिक, लगातार इस तरह की बातें सुनने से धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास प्रभावित होने लगा।

‘मुझे महिला और अभिनेत्री होने पर शर्मिंदा महसूस कराया गया’

अनुपमा परमेश्वरन ने बातचीत में कहा कि उनके पुराने रिश्ते का असर केवल निजी जिंदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने उनके करियर से जुड़े फैसलों को भी प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि कई मौकों पर उन्हें एक महिला होने और अभिनेत्री के रूप में काम करने को लेकर शर्मिंदगी महसूस कराई गई।अभिनेत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अपनी पेशेवर उपलब्धियों को लेकर भी अच्छा महसूस नहीं होता था। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति से उन्हें भावनात्मक सहयोग और सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी रिश्ते में उन्हें मानसिक रूप से कमजोर महसूस कराया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि पहले वह भविष्य में बड़ा परिवार चाहती थीं और कई बच्चों की मां बनने का सपना देखती थीं। हालांकि, इस रिश्ते के अनुभव के बाद मातृत्व और बच्चों को लेकर उनकी सोच बदल गई। अनुपमा के अनुसार, इस अनुभव ने उनके भविष्य से जुड़े कई निजी निर्णयों पर असर डाला।

पीरियड्स को लेकर टिप्पणी से होती थी परेशानी

अनुपमा परमेश्वरन ने महिलाओं के स्वास्थ्य और पीरियड्स को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जब भी वह किसी मुद्दे पर सवाल उठातीं या किसी की गलती के बारे में चर्चा करतीं, तो कई बार उनकी भावनाओं को गंभीरता से लेने के बजाय इसे पीरियड्स या पीएमएस से जोड़ दिया जाता था।

अभिनेत्री ने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं उन्हें बेहद असहज महसूस कराती थीं। किसी महिला की भावनाओं, नाराजगी या सवालों को सिर्फ हार्मोनल बदलाव बताकर खारिज करना उनके लिए अपमानजनक अनुभव था। उन्होंने कहा कि ऐसी बातों का लगातार सामना करने के बाद उन्हें महिला होने को लेकर भी नकारात्मक भावनाएं महसूस होने लगी थीं।

अनुपमा की यह टिप्पणी एक व्यापक सामाजिक मुद्दे की ओर भी इशारा करती है, जहां महिलाओं की भावनाओं और असहमति को कई बार रूढ़िवादी धारणाओं के आधार पर कमतर आंकने की कोशिश की जाती है।

‘परधा’ के प्रमोशन के दौरान क्यों रो पड़ी थीं अनुपमा?

अनुपमा परमेश्वरन ने अगस्त 2025 में अपनी फिल्म ‘परधा’ के प्रमोशन के दौरान हुई एक घटना को भी याद किया। फिल्म के प्रचार कार्यक्रम में मीडिया के साथ बातचीत करते समय वह अचानक भावुक हो गई थीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। उस दौरान उनकी टीम के सदस्यों ने उन्हें संभाला और पानी दिया।

पत्रकारों द्वारा बार-बार भावुक होने की वजह पूछे जाने पर अभिनेत्री ने उस समय विस्तृत जवाब देने से परहेज किया था। उन्होंने केवल इतना कहा था कि महिला-केंद्रित फिल्म की शूटिंग और उसके प्रमोशन का अनुभव आसान नहीं रहा। अब उस घटना के बारे में विस्तार से बात करते हुए अनुपमा ने बताया कि वह सामान्य परिस्थितियों में सार्वजनिक मंच पर आसानी से रोने वाली व्यक्ति नहीं हैं। उनके मुताबिक, उस समय निजी जीवन में उन्हें ऐसी बातें सुननी पड़ी थीं, जिन्होंने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया था।

‘जिसे मेरी रक्षा करनी चाहिए थी, वही मुझे तोड़ रहा था’

अनुपमा परमेश्वरन ने कहा कि उनके लिए सबसे पीड़ादायक बात यह थी कि जिस व्यक्ति से उन्हें सहारे और सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी रिश्ते ने उन्हें भावनात्मक रूप से आहत किया। अभिनेत्री के मुताबिक, कठिन परिस्थितियों और लगातार मानसिक दबाव के कारण उनके भीतर जमा भावनाएं एक समय सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बाहर आ गईं।

अभिनेत्री की इस बातचीत ने एक बार फिर रिश्तों में भावनात्मक सम्मान, व्यक्तिगत सीमाओं और मानसिक सहयोग की अहमियत पर चर्चा छेड़ दी है। अनुपमा ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि एक खराब रिश्ता व्यक्ति के आत्मविश्वास और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।

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