अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में पुलिस और प्रशासन ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो सेवारत IRBn कर्मी शामिल हैं। टीम ने 90.6 ग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ, 20 हजार रुपये और अन्य सामान बरामद किया।
तिरप: अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में पुलिस और प्रशासन ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अरुणाचल प्रदेश पुलिस के दो सेवारत कर्मचारी भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई देओमाली इलाके में एक संयुक्त अभियान के दौरान की गई। टीम ने एक संदिग्ध वाहन की तलाशी लेकर 90.6 ग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ, करीब 20 हजार रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ईस्ट सियांग जिले के कलिंग मिबांग और मिबोम तायेंग, सियांग जिले के ताजेन पामे तथा लोअर सियांग जिले के बाई कंबू के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुप्त सूचना के बाद लगाया गया नाका
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस और प्रशासन को सूचना मिली थी कि AR 09A 8114 नंबर वाली एक गाड़ी खोंसा से नामसांगमुख की दिशा में जा रही है और उसमें नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की तैयारी की।
देओमाली और खोंसा पुलिस के साथ उपमंडलीय प्रशासन की टीम को सक्रिय किया गया। पुलिस अधीक्षक, SDPO और देओमाली के टाउन मजिस्ट्रेट को भी इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद देओमाली चेक गेट पर नाका लगाया गया, ताकि संदिग्ध वाहन को रोका जा सके।
बोरदुरिया पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक नगोवांग रांगो और निरीक्षक डब्ल्यू. रोनरांग के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने वाहन की निगरानी शुरू की और संदिग्ध गाड़ी के चेक गेट पर पहुंचने के बाद उसे रोककर तलाशी ली।
कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई तलाशी
पुलिस ने बताया कि तलाशी की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। देओमाली के कार्यकारी मजिस्ट्रेट टोको काचा और दो स्वतंत्र गवाहों तंगलान हुतु तथा वांगखोन सोंगथिंग की मौजूदगी में वाहन की जांच की गई।
स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी किए जाने का उद्देश्य बरामदगी की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी रूप से दर्ज करना था। पुलिस ने तलाशी के दौरान संदिग्ध नशीला पदार्थ, नकदी और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की आगे जांच की जा रही है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि बरामद पदार्थ किस श्रेणी का है और उस पर कौन से कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।
दो गिरफ्तार आरोपी IRBn में सेवारत
इस मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि गिरफ्तार लोगों में अरुणाचल प्रदेश पुलिस के दो सेवारत कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ताजेन पामे 5th Indian Reserve Battalion यानी 5वीं IRBn में ASI (SG) के पद पर पासीघाट में तैनात हैं।
दूसरे आरोपी बाई कंबू 1st Indian Reserve Battalion यानी 1st IRBn में कांस्टेबल के पद पर नामसांगमुख में पोस्टेड बताए गए हैं।
पुलिस कर्मचारियों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आरोपियों की दोषसिद्धि अभी नहीं हुई है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
90.6 ग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद
संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान कुल 90.6 ग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद करने की जानकारी दी है। इसके अलावा करीब 20 हजार रुपये नकद और कुछ अन्य सामान भी पुलिस के कब्जे में लिए गए।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से बरामद पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांचकर्ता यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं।
मामले की आगे की जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और यात्रा से जुड़े विवरणों को भी देखा जा सकता है, ताकि कथित तस्करी की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
CRPF और असम राइफल्स ने भी दिया सहयोग
इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की 36वीं बटालियन और असम राइफल्स की 44वीं बटालियन के जवानों ने भी सहयोग किया। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय से अभियान को अंजाम दिया गया।
सीमावर्ती और दूरदराज इलाकों में नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। तिरप जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क मार्गों और चेक गेट पर निगरानी को मजबूत करना इस तरह की कार्रवाई का अहम हिस्सा है।
देओमाली चेक गेट पर पकड़ी गई गाड़ी
पुलिस की कार्रवाई का केंद्र देओमाली चेक गेट रहा, जहां संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस को पहले से मिली विशेष सूचना के कारण टीम को वाहन की पहचान करने और उसे रोकने में मदद मिली।
इस तरह के चेक गेट आमतौर पर आवाजाही पर निगरानी रखने और संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में खुफिया सूचना और जमीनी निगरानी की भूमिका अहम है।

हालांकि, मामले की पूरी जानकारी जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
आरोपियों की पहचान और स्थानीय कनेक्शन की जांच
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों से संबंधित बताए गए हैं। कलिंग मिबांग और मिबोम तायेंग का संबंध ईस्ट सियांग जिले से है, जबकि ताजेन पामे सियांग जिले और बाई कंबू लोअर सियांग जिले से बताए गए हैं।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इन सभी आरोपियों के बीच पहले से संपर्क था और क्या वे किसी संगठित नेटवर्क से जुड़े हुए थे। यह भी जांच का हिस्सा होगा कि संदिग्ध वाहन किसके नाम पर है और यात्रा का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर पुलिस आगे भी कार्रवाई कर सकती है।
नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान तेज
तिरप जिला पुलिस और नागरिक प्रशासन ने कहा है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हालिया गिरफ्तारी को इसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों और परिवहन मार्गों पर निगरानी बढ़ाकर मादक पदार्थों की आवाजाही पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का ध्यान केवल छोटे स्तर के वाहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर भी है।
इस तरह की कार्रवाइयों से स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता और तस्करी के नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच महत्वपूर्ण
इस मामले में दो सेवारत पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने जांच का एक अलग पहलू भी सामने रखा है। अगर जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।
हालांकि, फिलहाल केवल गिरफ्तारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि दोनों कर्मचारी दोषी हैं। अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य ही अंतिम स्थिति स्पष्ट करेंगे।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
पुलिस बरामद संदिग्ध पदार्थ की जांच, आरोपियों से पूछताछ और पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जब्त की गई नकदी और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित रूप से बरामद नशीला पदार्थ कहां से आया और इसका संभावित गंतव्य क्या था।
मामले में आगे और गिरफ्तारियां होंगी या नहीं, यह जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा। फिलहाल तिरप पुलिस और प्रशासन ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।
कानून के तहत जांच जारी
तिरप में हुई यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने के लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय को दिखाती है। संदिग्ध वाहन को सूचना के आधार पर रोकना, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेना और बरामद सामग्री को जब्त करना जांच की शुरुआती प्रक्रिया का हिस्सा है।
अब मामले का अगला चरण फोरेंसिक और कानूनी जांच पर निर्भर करेगा। पुलिस द्वारा बरामद 90.6 ग्राम सामग्री की प्रकृति की पुष्टि होने और आरोपियों के बयानों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल चारों गिरफ्तार आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में हैं और जांच एजेंसियां कथित नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।









