तीसरी एशियन डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत का खिताब बचाने का अभियान शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी Abhay Singh और Velavan Senthilkumar ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: एशियन डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में भारत का खिताब बचाने का अभियान मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। पुरुष युगल वर्ग में शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी अभय सिंह और वेलावन सेंथिलकुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। अब उनका सामना खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी नासिर इकबाल और नूर जमान से होगा।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय जोड़ी ने अपने अनुभव, समन्वय और आक्रामक खेल के दम पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। फाइनल मुकाबले को एशियाई स्क्वैश जगत के दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाली एक रोमांचक भिड़ंत के रूप में देखा जा रहा है।
क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन
अभय सिंह और वेलावन सेंथिलकुमार ने नॉकआउट चरण की शुरुआत जापान के नाओकी हयाशी और रेन माकिनो के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबले से की। भारतीय जोड़ी ने कड़े मुकाबले में 11-3, 10-12, 11-5 से जीत दर्ज कर अंतिम चार में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में उनका सामना मलेशिया के संजय जीवा और डंकन ली से हुआ।
भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव की परिस्थितियों में संयम बनाए रखते हुए 11-7, 11-9 से मुकाबला अपने नाम किया और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।इस जीत ने यह साबित किया कि भारतीय जोड़ी मौजूदा समय में एशियाई डबल्स स्क्वैश की सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक है।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत का अभियान
अभय और सेंथिलकुमार ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है। पूल-ए में उन्होंने दक्षिण कोरिया की जोड़ी ओह सियोजिन और मिनवू ली को हराया। इसके बाद हांगकांग की जोड़ी शिंग फंग लैम और यैट लॉन्ग चुंग के खिलाफ भी सीधे गेम में जीत हासिल की। ग्रुप चरण से लेकर नॉकआउट दौर तक भारतीय जोड़ी ने लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन किया है। उनकी फिटनेस, कोर्ट कवरेज और टीमवर्क ने उन्हें अन्य प्रतिस्पर्धियों से अलग पहचान दिलाई है।
पाकिस्तान से होगी खिताबी भिड़ंत
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फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना पाकिस्तान के नासिर इकबाल और नूर जमान से होगा। पाकिस्तान की यह जोड़ी पूरे टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है और उसने कई कठिन मुकाबलों में जीत दर्ज की है। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की इसी जोड़ी ने भारत की दूसरी पुरुष युगल टीम राहुल बैथा और सूरज चंद को पूल चरण में हराया था। ऐसे में भारतीय शीर्ष जोड़ी के सामने एक मजबूत चुनौती होगी।
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला यह मुकाबला केवल खिताब की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि एशियाई स्क्वैश में दोनों देशों की प्रतिस्पर्धा को भी नई ऊंचाई देगा।
महिला और मिश्रित युगल में भारत को कांस्य पदक
जहां पुरुष युगल में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं महिला और मिश्रित युगल वर्ग में स्वर्ण पदक की उम्मीदें सेमीफाइनल में समाप्त हो गईं। महिला युगल में दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी जोशना चिनप्पा और राधिका सीलन को मलेशिया की शीर्ष वरीय जोड़ी आइना अमानी और यी जिन यिंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में 9-11, 7-11 की हार के बाद भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
हालांकि, इससे पहले उन्होंने पूल-बी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी लीग मुकाबले जीते थे और ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था। मिश्रित युगल वर्ग में भी भारत की उम्मीदें सेमीफाइनल में समाप्त हो गईं। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने मलेशिया की आइना अमानी और मोहम्मद कमाल को कड़ी चुनौती दी, लेकिन तीन गेम तक चले मुकाबले में 8-11, 11-8, 8-11 से हार गई। इसके बावजूद भारतीय जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया और लगातार दूसरे वर्ष इस वर्ग में पोडियम फिनिश हासिल करने में सफल रही।









