असम के श्रीभूमि जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11,695 बोतल नशीला पदार्थ जब्त किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार जब्त माल की कीमत करीब ₹2.34 करोड़ है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया
गुवाहाटी: असम में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। श्रीभूमि जिले में पुलिस ने एक विशेष कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2.34 करोड़ रुपये है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस का मानना है कि बरामद खेप किसी बड़े वितरण तंत्र का हिस्सा हो सकती है और जांच के माध्यम से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रीभूमि जिले में विशेष अभियान के दौरान मिली सफलता
जानकारी के अनुसार, श्रीभूमि जिला पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद एक विशेष अभियान चलाया गया। जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों को बरामद किया।
अधिकारियों ने बताया कि कुल 11,695 बोतलें जब्त की गई हैं, जिनमें नशीला पदार्थ भरा हुआ था। यह खेप अवैध रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और उसके संचालन के तरीके का खुलासा हो सकेगा।
बरामद खेप की कीमत 2.34 करोड़ रुपये आंकी गई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई नशीली खेप का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2.34 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी को क्षेत्र में हाल के समय की प्रमुख कार्रवाई माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ विषय है। बड़ी मात्रा में नशे की खेप पकड़े जाने से यह संकेत मिलता है कि तस्कर व्यापक स्तर पर वितरण नेटवर्क संचालित करने की कोशिश कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस टीम की सराहना की
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है और ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और अभियान में शामिल टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से एक बड़ी खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले रोक लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
असम में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान
पिछले कुछ वर्षों में असम पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह क्षेत्र कई अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मार्गों से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण तस्करी की चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं।
इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न जिलों में नियमित जांच, वाहन तलाशी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चलाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन संगठित नेटवर्कों को भी खत्म करना है जो अवैध कारोबार को संचालित करते हैं।
युवाओं पर नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि नशीले पदार्थों की उपलब्धता युवाओं पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यही कारण है कि सरकारें और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस समस्या को केवल अपराध के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती के रूप में भी देखती हैं।
नशे की लत से स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक नुकसान, पारिवारिक तनाव और अपराध की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी को समाज के लिए सकारात्मक कदम माना जाता है।
असम सरकार भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों का उद्देश्य लोगों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक बनाना है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग या संगठित गिरोह शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस डिजिटल और वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि इस नेटवर्क का संचालन किस प्रकार किया जा रहा था।
नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
श्रीभूमि जिले में हुई यह कार्रवाई असम में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और पुनर्वास कार्यक्रमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि इस मामले से जुड़े नेटवर्क के अन्य पहलुओं का भी जल्द खुलासा हो सकेगा।











